बीजेपी की भाषा में गस्ता वेस्टलैंड मामले की चार्जशीट, अहमद पटेल और सोनिया का नाम

आप मानें या न मानें लेकिन अकस्ता वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर मामले में आरोपी क्रिस्चन माइकल भी गांधी परिवार को बीजेपी की तरह फैमिली बुलाता है. कम से कम अगस्ता मामले में चार्जशीट में मोदी सरकार के प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने यही लिखा है. ईडी ने दिल्ली की एक विशेष अदालत में अपनी चौथी पूरक चार्जशीट दाखिल की. गुरुवार को दाखिल चार्जशीट में ईडी ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में रक्षा अधिकारियों, नौकरशाह, मीडिया से जुड़े लोग और तत्कालीन सरकार में शामिल अहम राजनेताओं को घूस दी गई. ये चार्जशीट ठीक चुनाव के बीच आई है.

ईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि फरवरी 2008 और अक्टूबर 2009 के बीच कथित बिचौलियों क्रिश्चन मिशेल द्वारा किए गए पत्राचार में कहा गया है कि सौदे के पीछे की अहम ताकत सोनिया गांधी थीं. तमाम पत्राचार को खंगालने के बाद साबित होता है कि उच्च पदों पर बैठे राजनेता. सूत्रों का कहना है कि पत्र अदालत को सौंपे गए हैं वो वैसे ही हैं जैसे दिल्ली में पकड़े गए कथित अर्बन नक्सलियों के खिलाफ पेश किए गए थे. कंप्यूटर पर टाइप किए गए और बिना दस्तखत के. इतना ही नहीं ये भी सवाल है कि ईमेल के दौर में ऐसी चिट्ठियां भेजी क्यों जा रही थीं.

चार्जशीट में ईडी का दावा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्री के द्वारा अगस्ता वेस्टलैंड डील में लगातार मदद पहुंचा रहे थे. लॉबिंग के जरिए तत्कालीन वित्त मंत्री पर और उनके वरिष्ठ सलाहकार पर दबाव बनाया जा रहा था. चार्जशीट के मुताबिक एक पत्राचार में मिशेल द्वारा कहा गया है, “हफ्ते की शुरुआत में इटैलियन महिला के बेटे के सौजन्य से बैठक तय हुई है. एक सज्जन ने बताया है कि बेटा आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री बनने वाला है. पार्टी में उसका कद दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है.

यही वजह है कि वित्त मंत्री बेटे के बढ़ते प्रभाव की वजह से बेहद परेशान हैं.” ईडी ने इस दौरान कोर्ट को यह भी बताया कि मिशेल अपने ई-मेल में डील से जुड़े लोगों के नाम सांकेतिक भाषा में इस्तेमाल किए हैं. ईडी ने कहा, “क्रिश्चन मिशेल जेम्स के मुताबिक ‘AP’ का मतलब अहमद पटेल और ‘FAM’ का मतलब फैमिली है.

पत्राचार के मुताबिक एक प्रिक्योरमेंट पेपर सभी पांच केंद्रीय मंत्रियों को भेजा गया. इसमें सिर्फ वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को छोड़कर प्रधानमंत्री और पार्टी के नेताओं को कोई परेशानी नहीं थी. ईडी की पूरक चार्जशीट पर 6 अप्रैल को अदालत सुनाई करेगी. इस दौरान फैसला होगा कि मामले में आरोपियों को कोर्ट में बुलाया जाए या नहीं. ईडी ने अपनी चार्जशीट में कहा है, “अगस्ता वेस्टलैंड द्वारा कॉन्ट्रैक्ट एमाउंट का 12 फीसदी हिस्सा घूस के रूप में दिया गया. इसमें 70 मिलियन यूरो बिचौलियों को दिया गया.”

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