कल ज़ी न्यूज चैनल पर माफी मांगेगा, 1 लाख जुर्माना भी देगा, वैज्ञानिक को बताया था देश द्रोही

कल ज़ी न्यूज चैनल पर माफी मांगेगा, 1 लाख जुर्माना भी देगा, वैज्ञानिक को बताया था देश द्रोही

नई दिल्ली : पत्रकारिता में सुधीर चौधरी और ज़ी के योगदान को लेकर भविष्य में जब व्याख्या की जाएगी तो एक चीज़ जरूरी याद की जाएगी. सुधीर चौधरी के ज़ी न्यूज़ ने सोशल मीडिया और मेन स्ट्रीम मीडिया का फर्क खत्म कर दिया. अपनी इसी हरकत के कारण सुधीर चौधरी को कल यानी 17 मई को कैमरे के सामने माफी मांगनी पड़ेगी. गौहर रज़ा की जिस शायरी का अपमान करने के लिए सुधीर चौधरी को माफी मांगनी पड़ रही है उसकी कुछ लाइनें ये हैं.

 

”यह मत खाओ, वह मत पहनो, इश्क़ तो बिलकुल करना मत

देशद्रोह की छाप तुम्हारे ऊपर भी लग जायेगी

 

यह मत भूलो अगली नस्लें रौशन शोला होती हैं

आग कुरेदोगे, चिंगारी दामन तक तो आएगी”

उन्होंने 5 मार्च 2016 को दिल्ली में हुए एक मुशायरे में इन लाइनों को सुनाया था. हर साल होने वाले इस शंकर शाद मुशायरे के बाद ZEE NEWS ने ग़ौहर रज़ा को देशद्रोही घोषित कर दिया.

जी न्यूज़ ने पहले तो इस मुशायरे को ‘अफज़ल प्रेमी गैंग’ का मुशायरा करार दिया और फिर शायर गौहर रज़ा की ग़ज़ल के चंद शेर उठाकर उन्हें राष्ट्रविरोधी और देशद्रोही साबित कर दिया. 9 से 12 मार्च के बीच जी न्यूज ने ‘अफज़ल प्रेमी गैंग’ का मुशायरा के नाम से जमकर दुष्प्रचार किया था.

4 अप्रैल को गौहर रज़ा ने इसकी शिकायत एनबीएसए (न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड ऑथोरिटी) से की. तब से अब तक एनबीएसए कई बार ज़ी न्यूज को माफ़ीनामा प्रसारित करने को कहा लेकिन ज़ी न्यूज पुनर्विचार याचिका दायर कर करके मामले में आगे बढ़ाता रहा.

लेकिन अब एनबीएसए पूरी सख्ती से ज़ी न्यूज को माफ़ीनामा प्रसारित करने को कहा है. एनबीएसए ने कहा है कि ग़ौहर रज़ा को देशद्रोही बताने के लिए एक लाख रुपये जुर्माना देना होगा, साथ ही 17 मई को रात नौ बजे अपनी स्क्रीन पर हिंदी और अंग्रेज़ी में माफ़ीनामा प्रसारित करना होगा.

क्या है माफ़ीनामा?

 

”नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक शंकर शाद (भारत पाक) मुशायरा के दौरान 5 मार्च 2016 को प्रो.

गौहर रजा द्वारा कविता पाठ के बारे में जी न्यूज चैनल पर 9 से 12 मार्च 2016 को “अफजल प्रेमी

गैंग का मुशायरा” के शीर्षक के साथ प्रसारित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए गए विचारों एवं इस

कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल की गई टैगलाइन के लिए “जी न्यूज़” चैनल को खेद है. इसके अलावा ज़ी

न्यूज चैनल प्रो. गौहर रजा तथा उक्त मुशायरें में भाग लेने वालों के बारे में “अफजल प्रेमी गैंग” के

नाम से दिए गए विवरण के लिए भी खेद प्रकट करता है.”

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