गूगल और यूट्यूब से नाराज़ हैं ट्रंप, पूछा- इडियट लिखने पर सर्च में मेरी फोटो क्यों आती है?

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने एक बार फिर गूगल, ट्विटर और फेसबुक पर निशाना साधा है. सबसे ज्‍यादा वह गूगल पर बरसे हैं.

उनके अनुसार गूगल सर्च इंजन उनके खिलाफ फेक न्‍यूज को प्रमोट करता है और उनके ख‍िलाफ ज्‍यादातर नेगेटिव खबरों को दिखाता है.

यही नहीं ट्रंप ने इन कंपनियों को धमकी देते हुए कहा कि ये लोग नहीं जान रहे हैं कि वह किससे झगड़ा मोल रहे हैं. ट्रंप ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि आप गूगल पर सर्च ट्रंप न्‍यूज सर्च करो तो सिर्फ मेरे ख‍िलाफ बुरे और नेगेट‍िव खबरे पढ़ने को मिलता है. ऐसा सर्च इंजन में धांधली कर क‍िया जा रहा है.  गूगल में रिपब्‍ल‍िकन/कंजर्वेटिव और फेयर मीडिया को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाता है, सिर्फ सीएनएन की खबरों को प्रमोट किया जाता है.

ट्रंप के अनुसार गूगल उनके ख‍िलाफ फेक न्यूज मीडिया को बढ़ावा दे रहा है और यह काबू से बाहर हो गया है. इस पर रोक लगनी चाहिए. ट्रंप ने कई उदाहरण भी दिए. ट्रंप के अनुसार गूगल पर इडियट सर्च करने पर ज्‍यादातर उनकी तस्‍वीर होती है.

वहीं अमेरिकी मीडिया संस्‍था श‍िकागो ट्र‍िब्‍यून ने भी ट्रंप के आरोपों की जांच की तो कई आरोपों को सही पाया. उनकी एक रिपोर्ट के अनुसार अगर  “dumb presidential tweets,” सर्च किया जाए तो सिर्फ ट्रंप के ट्वीट मिलते हैं यानी बाकी किसी राष्‍ट्रपति ने बेवकूफी भरे ट्वीट नहीं किए. वहीं “president Russian hookers” सर्च करने पर ट्रंप की तस्‍वीरें सामने आती है, यह अमेरिकी राष्‍ट्रपति के लिए आपत्‍तिजनक है.

आपको बता दें कि गूगल ने इस मामले में सफाई दी है कि उनकी ओर से सर्च इंजन में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाती है. सर्च रिजल्‍ट कई कॉम्‍पलेक्‍स एलगोरिदम की वजह से तय होते हैं. कंपनी लोगों को उनके सर्च से जुड़े सबसे करीबी और सटीक नतीजों को देने की कोश‍िश करती है. इसके लिए हर साल सर्च एलगोरिदम में बदलाव और अपडेशन किया जाता है. गूगल के अनुसार सर्च का इस्‍तेमाल किसी राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाता है.

 

वहीं ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार गूगल के एक इंजीनियर ने कहा कि ट्रंप खुद अपने ख‍िलाफ सामने आ रहे बुरी खबरों के जिम्‍मेदार हैं.

वहीं ट्रंप के विरोध‍ियों ने भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर आप नेगेटिव काम ही करेंगे तो सर्च में वह ही सामने आएगा. उनके अनुसार ट्रंप को आरोप लगाने की जगह सही कामों पर ध्‍यान देना चाहिए.

आपको बता दें कि  ट्रंप ने ट्वीट कर यह भी कहा है कि 96% से भी अधिक ट्रम्प न्यूज के सर्च रिजल्ट में नेशनल वामपंथी मीडिया का हाथ है, जो काफी खतरनाक है. गूगल और अन्य कंपनियां कंजरवेटिव की आवाज दबा रहे हैं और खबरों को छिपा रहे हैं. वहीं आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गूगल की पैरंट कंपनी अल्‍फाबेट के पूर्व चेयरमैन एरिक श्मिट ने ट्रंप के खिलाफ पिछले राष्‍ट्रपति चुनाव में हिलेरी क्‍ल‍िंटन को सपोर्ट कि या था. वहीं कई अपूष्‍ट दावों के अनुसार उस दौरान हिलेरी से जुड़े नेगेटिव सर्च रिजल्‍ट कम किए गए थे. वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गूगल के कई पूर्व कर्मचारी पूर्व राष्‍ट्रपति बाराक ओबामा की सरकार में काम कर रहे थे.

 

आपको बता दें कि ट्रंप गूगल के ख‍िलाफ हमेशा से इतने गुस्‍सा नहीं हैं. इससे पहले जुलाई 2018 में मोबाइल फोन ऑपरेटिंग सिस्टम को लेकर गूगल के खिलाफ पांच अरब डॉलर का जुर्माना लगने पर ट्रम्प ने गूगल को अमेरिका की महान कंपनी बताया था.