मुुसलमान युवक की जबरदस्ती गुंडों ने दाढ़ी काटी, नाई ने मना किया तो उसे भी पीटा

मुुसलमान युवक की जबरदस्ती गुंडों ने दाढ़ी काटी, नाई ने मना किया तो उसे भी पीटा

गुरुग्राम में खांडसा के एक सैलून में जफरुद्दीन नाम के युवक से दो युवकों ने पहले दाढ़ी कटवाने के लिए दबाव बनाया. जब जफरुद्दीन ने ऐसा करने से मनाकर दिया तो युवकों ने उन्हें और नाई को पकड़ लिया और दोनों की पिटाई कर दी. पिटाई करने के बाद जफरुद्दीन की दाढ़ी कटवा दी.

हरियाणा के गुड़गांव में मुस्लिम युवक की जबरदस्ती दाढ़ी कटवाने का मामला सामने आया है. नूह जिले के रहने वाले पीड़ित युवक जफरुद्दीन के मुताबिक, गुरुग्राम के इफ्को चौक पर उनका ढाबा है. उन्होंने बताया कि वे मंगलवार शाम को 6 बजे अपने होटल में काम करने इब्राहिम नाम के कार्मचारी का बाल कटवाने के लिए खांडसा स्थित मुस्लिम नाई की दुकान पर गए थे. जफरुद्दीन ने बताया कि जब वे सैलून में पहुंचे तो वहां पर दो लड़के पहले से ही मौजूद हुए थे. उनका कर्मचारी बाल कटवाने लगा, इस दौरान सैलून में बैठे दोनों लड़के जफरुद्दीन के पास आए और उनका नाम पूछा. नाम बताते ही दोनों लड़के भड़क गए और जफरुद्दीन पर दाढ़ी कटवाने के लिए दबाव बनाने लगे. जब जफरुद्दीन ने ऐसा करने से मना कर दिया तो दोनों लड़कों ने उन्हें पकड़ लिया. लड़कों ने नाई से जफरुद्दीन की दाढ़ी काटने के लिए कहा, जब नाई ने ऐसा करने से माना कर दिया तो दोनों लड़कों ने जफरुद्दीन और नाई की पिटाई कर दी. पिटाई करने के बाद लड़कों ने जफरुद्दीन को कुर्सी से बांधकर उनकी दाढ़ी कटवा दी.

जफरुद्दीन ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने 100 नंबर पर फोनकर पुलिस को संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस से संपर्क नहीं हो पाया. इसके बाद जफरुद्दीन ने गुरुग्राम में अपने जानने वालों को फोन किया, लेकिन डर की वजह से मौके पर कोई नहीं पहुंचा. जफरुद्दीन का कहना है कि आरोपियों ने उनका वीडियो भी बनाया था और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी.फिलहाल जफरुद्दीन ने गुरुग्राम के सेक्टर 37 में मामला दर्ज करवा दिया है. हालांकि उन्हें पुलिस से अभी तक एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है. जफरुद्दीन ने बताया कि केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है.

वहीं नूंह जिले के खंड पुन्हाना के बादली गांव के लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. समाजसेवी अख्तर हुसैन, गुलाम नबी वकील और सहून वकील ने कहा कि बीजेपी सरकार ने गुरु द्रोणाचार्य के नाम पर गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम रखा था. ऐसे में यह उम्मीद जताई गई थी कि गुरु के नाम पर जिले का नाम रखने से यहां अच्छे संस्कार पैदा होगें, लेकिन अब गुरुग्राम नफरत के लिए जाना जाने लगा है. लोगों ने कहा कि गुरुग्राम में पहले जुमे की नमाज पढ़ने के नाम पर मुस्लिम समुदाय को टारगेट किया गया और अब डाढ़ी रखने और टोपी पहनने पर टारगेट किया जा रहा है.

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