बीजेपी की शरण में आए बदमाशों का नहीं होता एनकाउंटर? ‘आजतक’ ने खोला सच

बीजेपी की शरण में आए बदमाशों का नहीं होता एनकाउंटर? ‘आजतक’ ने खोला सच

लखनऊ : अगर ये खबर सच है तो आप यूपी में इतिहास की सबसे हत्यारी सरकार को देख रहे हैं. यहां पार्टियां देख देख कर लोगों को पुलिस के हाथों एनकाउंटर में मरवाया जा रहा है. आजतक ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक क्लिप के ज़रिए इसका पर्दाफाश किया है. इस ऑडियो क्लिप ने यूपी में एनकाउंटर के नाम पर चल रहे खेल को बेनकाब कर दिया है.

एक हिस्ट्रीशीटर और पुलिस अधिकारी के बीच की बातचीत के ऑडियो से खाकी और गुंडों के बीच साठगांठ का पर्दाफाश हो गया है. इस क्लिप में दो चीज़ें साफ हैं. एक तो ये कि अपराधी पुलिस के साथ दोस्ताना रिश्ते रखते हैं और ज़रूरत पड़ने पर एक दूसरे से मदद भी ले लेते हैं. दूसरी ये कि एनकाउंटर में कितना भी बड़ा गुंडा क्यों न हो मारा नहीं जाएगा अगर वो बीजेपी का कनेक्शन निकाल ले.

कुछ ही दिन पहले झांसी में लेखराज और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी. करीब आधे घंटे की फायरिंग में लेखराज अपने साथियों और बेटों के साथ भागने में कामयाब रहा था. इस एनकाउंटर के बाद मऊरानीपुर थाना प्रभारी सुनीत कुमार और हिस्ट्रीशीटर लेखराज के बीच टेलीफोन पर यह बातचीत हुई.
वायरल हुए इस ऑडियो में झांसी के मऊरानीपुर थाने के प्रभारी सुनीत कुमार और इलाके में आतंक का पर्याय बन चुके पूर्व ब्लॉक प्रमुख लेखराज के बीच बातचीत है. वायरल हुए इस ऑडियो ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस द्वारा किए जा रहे एनकाउंटर के तरीके पर सवाल खड़ा कर दिया है.
सवाल उठने लगे हैं कि क्या योगी की पुलिस एनकाउंटर को भी मैनेज कर रही है? दूसरा अहम सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस अपनी मनमर्जी के मुताबिक, जिसे चाह रही है उसे ठिकाने लगा रही है और जिसे चाह रही है बचा ले रही है?

लेकिन इस बातचीत ने जो सबसे गंभीर सवाल उठाया है, वह ये कि क्या यूपी हिस्ट्रीशीटर एनकाउंटर में अपनी जान बचाने के लिए नेताओं को खुश कर रहे हैं? कम से कम इस बातचीत से तो यही नजर आता है.

इस बातचीत में साफ सुना जा सकता है कि पुलिस अधिकारी हिस्ट्रीशीटर से कह रहा है कि सरेंडर कर दो नहीं तो एनकाउंटर में मार दिए जाओगे. वहीं हिस्ट्रीशीटर पुलिस अधिकारी से मदद करने के लिए कह रहा है.

हिस्ट्रीशीटर लेखराज जब पुलिस अधिकारी से कहता है कि मदद करो तो पुलिस अधिकारी उसे BJP के जिलाध्यक्ष संजय दुबे और बबीना के BJP विधायक राजीव सिंह परीक्षा को मैनेज करने की सलाह देता है.

हिस्ट्रीशीटर ने बातचीत में जब बताया कि BSP और SP सब पार्टियां सेट हैं तो पुलिस अधिकारी ने कहा कि दौर बदल चुका है और उसके पीछे पूरी STF की टीम लगी हुई है.

पुलिस अधिकारी ने तो लेखराज से सीधे-सीधे कह दिया कि ‘अगला नंबर आपका’. पुलिस अधिकारी यह भी बताता है कि बदमाश की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और अगर उसके साथ 20-50 आदमी नहीं हुए तो वह मार दिया जाएगा.

योगीराज में एनकाउंटर पर सवाल…

अपने पीछे लगी एसटीएफ के बारे में सुन जब हिस्ट्रीशीटर पूछता है कि क्या सब मार दिए जाएंगे तो थाना प्रभारी सुनीत कुमार उसे समझाने के अंदाज में कहते हैं कि समझदार आदमी वह होता है जो समय के हिसाब से खुद को ढाल ले.

इस बातचीत में यह बात बहुत खुलकर सामने आई है कि यूपी पुलिस बदमाशों को उनके मूल अधिकारों के मुताबिक ट्रायल का मौका दिए बगैर ही सीधे मौत के घाट उतार दे रही है, जिसे लेकर कई मानवाधिकार संगठनों ने भी आवाज उठाई है.

आखिरकार हिस्ट्रीशटर अपने बेटों, नाती-पोतों का हवाला देते हुए जब फिर से मदद करने की बात कहता है तो पुलिस अधिकारी ने अचानक ऐसा खुलासा कर दिया कि सबके होश उड़ जाएं.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीते दिनों जब पुलिस लेखराज का एनकाउंटर करने गई थी, तब लेखराज इसलिए बच गया था क्योंकि पुलिस जानबूझकर हथियार लेकर नहीं, बल्कि खाली हाथ ही गई थी.

पुलिस अधिकारी हिस्ट्रीशीटर से कहता है कि उसके ऊपर 60 से अधिक मुकदमे हैं और वह एनकाउंटर के लिए सबसे फिट केस है और यूपी पुलिस के हत्थे चढ़े तो दो मिनट में सबको पट-पट मार दिया जाएगा.

हां, पुलिस अधिकारी यह सलाह देना नहीं भूलता कि राज्य में किस पार्टी की सरकार है और एनकाउंटर से बचने के लिए बदमाशों को किस पार्टी के लोगों को खुश करना होगा. ‘आज तक’ इस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता, लेकिन सोशल मीडिया में इस ऑडियो के वायरल होने के बाद झांसी पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है.