दिल्ली के नज़दीक फैली ये जानलेवा बीमारी, बरतें ये सावधानी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में मीट खाना जानलेवा हो सकता है. दिल्ली से गाज़ियाबाद में ऐसी बीमारियां मिल रही हैं जिनके कारण लोगों की जान जा सकती है. गाज़ियाबाद में करीब पांच लोगों को जानलेवा बीमारी का इनफेक्शन लग चुका है. जानवर जिस बीमारी को लेकर आए हैं वो बेहद खतरनाक है और सभी उसे स्वाइन फ्लू के नाम से जानते हैं.

जिला गाजियाबाद में ठंड बढ़ते ही स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है. स्वाइन फ्लू के मरीजों ने अस्पताल के चक्कर लगाने शुरू कर दिये है. जिसके चलते स्वास्थ विभाग भी सचेत हो गया है. यानी जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए तमाम तरह की सुविधाओं का इंतजाम पहले से ही किया हुआ है. गाजियाबाद अभी तक जितने मामले सामने आए उनमें से 5 मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई है. स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा हैं. कल जहा 2 मरीजो को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी वही आज आयी रिपोर्ट में 3 और मरीजो की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है कुल 5 मरीज अभी तक स्वाइन फ्लू पॉजिटिव हैं. स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे के मद्देनजर गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर हैं. और रेपिड एक्शन टीम यहां डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ की बनाई गई है.

आपको बताते चलें कि गाजियाबाद में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है क्योंकि जिला गाजियाबाद में 10 मरीजों का स्वाइन फ्लू टेस्ट कराया गया था. जिसमें से  5 मरीजों की रिपोर्ट तो नार्मल थी वही 5  मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई हैं. लगातार मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने से स्वास्थ विभाग सतर्क हो गया है. गाजियाबाद के सी एम ओ एन के गुप्ता ने बताया कि स्वाइन फ्लू के 5 मरीज मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सचेत हो गया है अलग से स्क्वायर टीम बना दी गई हैं और इलाज कर रहे चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को भी वैक्सीनेशन दे दी गई है ताकि इलाज करते समय कोई दूसरा उससे प्रभावित ना हो सके इसका विशेष ख्याल रखा गया है.

सीएमओ ने कहा कि जिस तरह से स्वाइन फ्लू के मरीजों के पॉजिटिव मामले मिले हैं उसे ध्यान में रखते हुए अन्य लोगों को भी मांस का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और यदि किसी भी मरीज को छींक या सांस फूलने की दिक्कत होती है तो उसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए ताकि उसका समय पर इलाज हो सके.

स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिये 10 बेड एमएमजी जिला अस्पताल में, 10 बेड जिला संयुक्त अस्पताल संजय नगर में और 55 बेड की सुविधा स्वास्थ केंद्रों में कराई गई है. जिससे स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज में किसी तरह की परेशानी नही आये.

जिला गाजियाबाद में ठंड बढ़ रही है और ऐसे में स्वाइन फ्लू की दस्तक एक खतरनाक संकेत है. स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद स्वास्थ विभाग अलर्ट पर आ गया है और स्वाइन फ्लू को रोकने के लिये प्रयास में जुट गया है. गाजियाबाद में स्वाइन फ्लू का खतरा बेहद ज्यादा है क्योंकि दिल्ली के करीब होने के चलते काफी अधिक संख्या में लोग दिल्ली एनसीआर के साथ बाहर के देशों में आते जाते हैं. और यह पहलू यहा इस बीमारी की गम्भीरता को और बढ़ा देती है.

क्या है स्वाइन फ्लू

स्वाइन इन्फ्लूएंजा एक संक्रामक सांस की रोग है जो कि सामान्य रूप से केवल सूअरों को प्रभावित करती है. यह आमतौर पर स्वाइन इन्फ्लूएंजा ए वायरस के H1N1 स्ट्रेंस के कारण होता है. हालांकि H1N2, H3N1 और H3N2 के रूप में अन्य स्ट्रेंस भी सूअरों में मौजूद रहते हैं. हालांकि लोगों में स्वाइन फ्लू होना सामान्य नहीं है, मानवीय संक्रमण कभी-कभी होते हैं, मुख्यतया संक्रमित सूअरों के साथ निकट संपर्क के बाद से.

मार्च / अप्रैल 2009 के दौरान, सूअर इन्फ्लूएंजा वायरस की एक नई स्ट्रेन मेक्सिको में उभरी, और मनुष्यों में रोग पैदा करना शुरू कर दिया. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इन्फ्लूएंजा के इस नए स्ट्रेन, जिसे इन्फ्लुएंजा ए (H1N1) कहा जाता है, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है. दुनिया भर के विशेषज्ञों विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं यह निर्धारित करने के लिए कि इस वायरस से जनता को क्या ख़तरा हो सकता है. ऐसा भी विचार है कि यह नया स्ट्रेन एक ह्यूमन फ्लू पैंडेमिक का कारण बन सकता है.

स्वाइन फ्लू कैसे सूअरों के बीच फैलता है?

सूअर स्वाइन फ्लू प्राप्त कर सकते हैं अगर वे एक संक्रमित सुअर की छोड़ी गई सांस की बूंदों को अपनी साँस में खींचते हैं. उन्हें एक संक्रमित सुअर के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क के माध्यम से भी संक्रमण हो सकता है.

संक्रमित सूअरों के लक्षण क्या हैं?

सूअरों में स्वाइन फ्लू के लक्षण सुस्ती, बुखार, खांसी और सांस लेने में मुश्किल आदि हो सकते हैं. कुछ संक्रमित सूअर (लगभग 1 से 4%) मर सकते हैं, लेकिन अधिकतर सूअर तेजी से ठीक हो जाते हैं.

किन देशों में संक्रमित सूअर हैं?

स्वाइन इन्फ्लूएंजा दुनिया भर के सभी सुअर उत्पादक देशों में मौजूद है. सूअरों में यह साल भर फैलता रहता है. हालांकि, कई देशों में नियमित रूप से स्वाइन इन्फ्लूएंजा के लिए सूअरों को नियमित टीका देते हैं.

क्या सूअरों से निपटने के लिए कोई विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?

हालांकि इसके कोई संकेत नहीं है कि वर्तमान मानव संक्रमण सूअरों में स्वाइन फ्लू के मामलों से जुड़े होते हैं, अधिकारियों की सलाह है कि सुअर रखनेवाले स्वच्छता के उच्च स्तर को बनाए रखें. सुअर के रखवाले अपने सूअरों में सांस की रोग के असामान्य संकेत जांचें और अगर वो चिंतित है या उन्हें सूअरों की सुरक्षा पर किसी भी सलाह की आवश्यकता होती है तो उनके पशु शल्य चिकित्सक से संपर्क करें.

भारत में घटनायें 2009, 2010, 2012 और 2013 में 2015 में सबसे ज्यादा रही हैं, स्वाइन फ्लू के मामलों में विशेष रूप से जनवरी-फरवरी के दौरान वृद्धि हुई है और वर्तमान में मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के राज्यों से भी रिपोर्ट मिल रही है.

मानव में इन्फ्लूएंजा एक (H1N1) के लक्षण क्या हैं?

जब लोग स्वाइन फ्लू के वायरस से संक्रमित होते हैं, तो उनके लक्षण आमतौर पर मौसमी इन्फ्लूएंजा के लोगों के समान ही होते हैं. इसमें बुखार, थकान, और भूख की कमी, खांसी और गले में खराश शामिल हैं. कुछ लोगों को उल्टी और दस्त भी हो सकती है. इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) से संक्रमित कुछ लोगों को गंभीर रोग हुई और मर गए. बहरहाल, कई मामलों में इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) के लक्षण हल्के रहे हैं और अधिकाँश लोग पूरी तरह ठीक भी हुए हैं.

इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) लोगों के बीच कैसे फैलता है?

यह नया इन्फ्लूएंजा वायरस मौसमी फ्लू के सामान ही फैलता हैं; छोटी बूंदों के रूपमें, एक संक्रमित व्यक्ति की नाक और मुंह से, जब वो बात करते हैं खांसते या छींकते हैं. लोग संक्रमित हो सकते हैं अगर वो इन बूंदों को साँस में लेते हैं और वो किसी व्यक्ति या ऐसी चीज़ को छूते हैं जो कि वायरस से दूषित है (उदाहरण के लिए एक प्रयोग किया ऊतक या दरवाज़े के हैंडल) और फिर अपनी आँख और नाक को छूते हैं.अगर वे इन बूंदों को साँस लोगों को संक्रमित हो सकता है या फिर उनकी नाक या आंखों को छूने अगर वे किसी को या कुछ है कि वायरस से दूषित है (उदाहरण के लिए एक प्रयोग किया ऊतक या दरवाज़े के हैंडल) को छूने, और.

क्या इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) से लोगों की रक्षा करने के लिए कोई टीका है?

सीजनल फ्लू शॉट से दो या तीन तरह के इन्फ्लूएंजा वायरस, जिसमें H1N1 वायरस भी शामिल है, के खिलाफ रक्षा में मदद मिलेगी. टीका एक इंजेक्शन या एक नाक स्प्रे के रूप में उपलब्ध है. उसके लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

क्या उपचार उपलब्ध है?

कुछ एंटीवायरल दवायें, जैसे कि टैमीफ्लू आपके जीपी के पास उपलब्ध हैं. इससे रोग घटती है और जटिलताओं का खतरा कम होता है. इन दवाओं दुष्प्रभाव का कारण है और इसलिए अपने जीपी केवल उन्हें सुझाएगा यदि लाभ जोखिम पल्ला झुकना नहीं, सभी के लिए उपयुक्त हो सकता है.

अपनी मदद करने के लिए और अपने परिवार की रक्षा के लिए मुझे क्या सावधानियां बरतनी होंगीं?

शुद्धता और स्वच्छता वायरस की एक विस्तृत श्रृंखला, जिसमें इन्फ्लूएंजा वायरस भी शामिल है, उसके प्रसार को कम करने में मदद कर सकते हैं.

स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी की सलाह है कि हर कोई हर समय इन सावधानियों का पालन करें:

• बार-बार साबुन और पानी से अपने हाथ धोयें

• जब खाँसी या छींक आये, तो अपने मुंह और नाक को एक टिश्यू से ढक लें, यदि संभव हो

• इस्तेमाल किये टिश्यू का तुरंत और सावधानी के साथ निपटान करें. उन्हें एक बैग में डाल कर फिर पात्र में फेंकें

• स्वच्छ कठोर सतहों (उदाहरण के लिए दरवाज़े के हैंडल) को नियमित साफ़ रखें

• सुनिश्चित करें कि बच्चे इस सलाह का पालन करें

अगर आप एक प्रभावित देश/राज्य की यात्रा करने का इरादा रखते हैं, तो आपको स्थानीय पर्यटन कार्यालयों द्वारा प्रदान की सलाह पर गौर करना चाहिए.

अपने हाथ धोने से कैसे मेरा बचाव होता है?

नियमित अपने हाथ धोना बीमारियों की एक विस्तृत श्रृंखला, इन्फ्लूएंजा सहित से खुद को बचाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है. हर बार जब आप कुछ स्पर्श करते हैं, तो कीटाणु आपके हाथों पर आ सकते हैं. मैले हाथों से अपनी आंखों, नाक या मुंह को छूने से आपके शरीर में अपने हाथों से कीटाणुओं का हस्तांतरण हो सकता है. अपने हाथ नियमित धोने से आपको कीटाणुओं को दूर करने और उन्हें आप और अन्य लोगों तक फैलने से रोकने में मदद मिलती है, आप और संक्रमण की एक विस्तृत श्रृंखला से बच सकते हैं.

मैं कैसे सतहों से फ्लू के वायरस को दूर कर सकता हूँ?

संक्रमित व्यक्ति अद्वारा आसपास की तहों पर रोगाणु फैल सकते हैं जब वे खांसते या छींकते हैं, या अपने मैले हाथों से अथवा इस्तेमाल किये टिश्यू के साथ उन्हें छूते है . सतहों की नियमित रूप से सफाई, आपके घर, आप और अन्य लोगों में इन्फ्लूएंजा वायरस और अन्य कीटाणुओं से होने वाले संक्रमण को रोकने में मदद कर सकते हैं.

डिटर्जेंट और पानी के साथ सतहों की सफाई से किसी वस्तु से कीटाणुओं को दूर कर सकते हैं, बशर्ते कि आप सभी सतहों को अच्छी तरह से रगड़ कर साफ़ पानी से धो देते हैं. हालांकि, जहां रगड़ना संभव नहीं है (जैसेकि बड़ी या फिक्स्ड सतह, रसोई वर्कटॉप्स, टॉयलेट फ्लश और दरवाज़े के हैंडल आदि) वहाँ कीटाणुओं को मारने में मदद करने के लिए एक कीटाणुनाशक का उपयोग महत्वपूर्ण है. ऐसी सतहें जहाँ लोग अक्सर अपने हाथों से स्पर्श करते हैं उन्हें साफ और कीटाणुरहित करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है:

• हैंडल्स और स्विच

• नल और टॉयलेट फ्लश के हैंडल

• किचन वर्कटॉप्स

• टेलीफोन रिसीवर्स

• कंप्यूटर कीबोर्ड्स

सतहों को ऐसे प्रोडक्ट्स के उपयोग से साफ़ और कीटाणुरहित करना जोकि इन्फ्लूएंजा वायरस को नष्ट करने का आश्वासन देते हैं.

क्या सूअर का मांस और सूअरों से निर्मित अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन सुरक्षित है?

ठीक से संभाले और तैयार सूअर के मांस या सूअरों से प्राप्त अन्य खाद्य पदार्थ (जैसे बेकन, सॉसेज) खाने से इन्फ्लूएंजा नहीं हो सकता. हालांकि, अच्छी भोजन स्वच्छता संक्रमण की एक विस्तृत रेंज को रोकने में मदद करती है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि खाने को हमेशा स्वच्छता से तैयार किया जाये.

• ठीक से संभाले और तैयार सूअर के मांस या सूअरों से प्राप्त अन्य खाद्य पदार्थ (जैसे बेकन, सॉसेज) खाने से इन्फ्लूएंजा नहीं हो सकता. हालांकि, अच्छी भोजन स्वच्छता संक्रमण की एक विस्तृत रेंज को रोकने में मदद करती है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि खाने को हमेशा स्वच्छता से तैयार किया जाये.

• कच्चे मांस को पकाये हुए या खाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थ से दूर रखें

• कच्चे मांस को तैयार करने के लिए एक अलग चौपिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें

• कच्चे मांस को संभालने के बाद अपने हाथों को तुरंत धो लें

•कच्चे मांस के साथ संपर्क के बाद और बर्तन और सतहों को तुरंत स्वच्छ और कीटाणुरहित करें

किसी में फ्लू के लक्षण विकसित हों, तो उन्हें क्या करना चाहिए?

अगर आप एक ऐसे क्षेत्र में रहते हैं या हाल ही में रहना शुरू किया हो जो इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) से प्रभावित है, और फ्लू जैसे लक्षण अनुभव कर रहे हैं, तो आपको दूसरों के साथ संपर्क सीमित करने के लिए घर पर रहना है, और अपने को फोन कर अपने चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए.

क्या यह एक ह्युमन फ्लू पैनडेमिक की शुरुआत है?

इन्फ्लूएंजा एक (H1N1) वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, और कुछ देशों में फ्लू के फैलने का कारण बनता है, यद्यपि यह भी कहना है कि यह ख़ास वायरस जल्दी एक वैश्विक मानव महामारी का कारण होगा . विश्व स्वास्थ्य संगठन स्थिति पर नजर रखे है.