BJP विधायक की जूतों से पिटाई के बाद तनाव, गोलियां चलाने की नौबत

आपने वीडियो में देखा होगा कि कैसे बीजेपी के बस्ती के सांसद अपने ही विधायक को मार रहे हैं. वो उनपर जूते बरसा रहे हैं. लेकिन मामला इतने पर ही शांत नहीं हुआ है. बवाल बढ़ गया है. विधायक ने करीब 3000 लोगों को बुला लिया है और ये कह रहे हैं कि वो सांसद शरद त्रिपाठी को सही सलामत नहीं जाने देंगे. इन विधायकों ने उस जगह को घेर लिया है जहां विधायक बघेल जूतों से पिटे थे. हालात अगर नहीं संभले तो पुलिस को गोलियों या आंसूगैस का सहारा लेना पड़ सकता है.

हालात बिगड़ते देखकर सात थानों की पुलिस बुला ली गई है. उधर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे ने सांसद और विधायक के बीच हुई मारपीट पर नाराज़गी जताते हुए दोनों को लखनऊ तलब किया है. लेकिन विधायक के समर्थक उन्हें जाने देने को तैयार नहीं हैं. और सांसद जब बाहर निकलें तो लखनऊ जाएं. 

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा है कि ऐसे हालात में सांसद और विधायक दोनों को को अलग अलग वज्र वाहनों से लखनऊ लाने को कहा गया है. बज्र वाहन दंगा नियंत्रण के लिए डिजाइन किए गए हैं.

सांसद और विधायक के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में दिख रहा है कि संत कबीर नगर के सांसद शरद त्रिपाठी ने विधायक राकेश सिंह बघेल को जमकर पीट दिया. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरेआम हुई इस मारपीट से बीजेपी को काफ़ी फजीहत का सामना करना पड़ सकता है.

वीडियो में दिख रहा है कि कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर में एक मीटिंग चल रही है. मीटिंग में स्थानीय सांसद शरद त्रिपाठी, विधायक राकेश सिंह बघेल समेत तमाम अन्य विधायक और अधिकारीगण मौजूद हैं.

मीटिंग के दौरान एक शिलान्यास पट पर नाम होने, न होने को लेकर सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक राकेश सिंह बघेल में तू-तू, मैं-मैं शुरू होती है. कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन दोनों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. इसी बीच सांसद गाली देते हुए जूता निकाल लेते हैं और विधायक पर तड़ातड़ बरसा देते हैं. हड़बड़ाए विधायक कई जूते खाने के बाद किसी तरह अपना हाथ छुड़ाते हैं. इस हाथ को सांसद पकड़े हुए थे और उन पर जूते बरसा रहे थे. हाथ छुड़ाने के बाद विधायक, सांसद की ओर लपकते हैं और सांसद पर दो-चार हाथ चलाते हैं. तभी एक पुलिस अधिकारी बीच-बचाव में कूदता है.

दोनों ओर से चल रहे थप्पड़ इस पुलिस अधिकारी को भी रसीद हो जाते हैं और पूरे वातावरण में अफरातफरी, शोर और बचो-बचाओ, मारो-पीटो की आवाज़ आनी शुरू हो जाती है. इसे देखकर कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन कहीं सरक लेते हैं.