RSS को मोदी की हार का डर, इस बार हालात अनुकूल नहीं, सालाना बैठक में चिंता

संघ को डर है कि 2019 में बीजेपी आम चुनाव हार सकती है. संगठन का मानना है कि इस बार मोदी की राह उतनी आसान नहीं है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक संघ के ग्वालियर में संपन्न अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के जरिए ग्वालियर में स्वयंसेवकों को यह संदेश दिया गया. एक कार्यक्रम में कहा गया कि मोदी की राह आसान नहीं है. 2014 में माहौल अनुकूल था इस बार नहीं है.

इस नेता ने कहा कि इस बार चुनौतियां ज्यादा हैं. “राष्ट्रविरोधी शक्तियां” भी लगी हुई हैं. 2014 में माहौल अनुकूल था और समर्थन भी मिलता दिखाई दे रहा था. इस बार राजी भी है और नाराजगी भी है. ऐसे में ज्यादा जोर लगाने की जरूरत होगी.

ये सभी बातें खुद सर संघ चाल मोहन भगावत और भैया जी जोशी की मौजूदगी में हुई.

संघ के एक नेता का कहना है कि इस बार ज्यादा जोर लगाने की जरूरत हैं. ग्वालियर में संघ प्रमुख ने मोहन भागवत ने भी कड़ी मेहनत करने के लिए कहा. वहीं संघ के सरकार्यवाह भैया जी जोशी ने कहा कि लोगों को मालूम है कि देशहित में क्या करना है. बिना बीजेपी का नाम लिए उन्होंने इशारा किया.

हालात ये हैं कि पहली बार संघ खुलकर चुनाव में उतरेगा. अब तक खुद को सांस्कृतिक संस्था कहने वाला संघ इस बार राजनीतिक भूमिका निभाने को तैयार है. अब तक संघ पर्दे के पीछे ये काम करता रहा है.

संघ के नेताओं ने स्वयंसेवकों से संघ के लोगों को मतदाता जागरण के जरिए सौ प्रतिशत मतदान कराने की कोशिश करने को कहा हैत साथ ही स्वयंसेवक कथित “देशहित” में सही सरकार चुनने के लिए भी कहेंगे.

नवभारत टाइ्म्स लिखता है कि स्वंयसेवकों से कहा गया है कि अपनी विचारधारा के अनुकूल सरकार बनाने के लिए ज्यादा जोर लगाएं.  संघ के एक नेता के अनुसार संघ का एक सांगठनिक ढांचा सब जगह मौजूद है. बूथ के हिसाब से स्वंयसेवकों की टोलियां का गठन होगा और वह घर -घर जाकर जागरण पत्र बांटेंगे.

इस प्रचार के दौरान वह किसी का नाम नहीं लेंगें. वह लोगों को मतदान के प्रति उनके दायित्व के बारे में समझाएंगे. जहां- जहां पहले चरण में मतदान होने हैं वहां के लिए टोलियों का निर्माण शुरू हो गया है. घर-घर जाकर प्रचार करने के दौरान उन्हें नहीं बता होगा कि वह किस पार्टी की बात कर रहे हैं संघ की जिस विचारधारा के अनुसार जाना जाता है उस विचारधारा वाली पार्टी को लोग चुनेंगे.