अनिल अंबानी को जालसाज़ी से फायदा पहुंचाने वाले सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार की छुट्टी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना से जुड़े मामले में अनिल अंबानी को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने के मामले में अदालत के दो एम्प्लाइज़ को नौकरी से निकाल दिया गया है. यह कार्रवाई मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई के आदेश पर हुुई है. दरअसल कोर्ट ने अवमानना से जुड़े मामले में आदेश दिया था कि अनिल अंबानी को व्यक्तिगत तौर पर पेश होना पड़ेगा, लेकिन इन दोनों एम्प्लाइज़( असिस्टेंट रजिस्ट्रार) ने आर्डर टाइप करने में अनिल अंबानी का नाम हटा दिया था.

यानी अनिल अंबानी को पेशी से छूट दे दी गई. इस मामले की जानकारी जब कोर्ट को हुई तो इसकी जांच कराई गई. जांच के दौरान ये दोनों एम्प्लाइज़ दोषी पाए गए.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी को आदेश दिया था कि 12 फरवरी को अनिल अंबानी को कोर्ट में होना पड़ेगा, क्योंकि उन्होंने अदालत की अवमानना की है. कोर्ट के आदेश को असिटेंट रजिस्ट्रार मानव शर्मा और तपन कुमार चक्रवर्ती ने टाइप करते समय अंबानी का नाम हटा दिया और वेबसाइट पर अपलोड कर दिया. जांच में दोषी साबित होने के बाद कोर्ट ने इन लोगों एम्प्लाइज़ पर संविधान की धारा 311 के तहत कार्रवाई की है.

ये है पूरा मामला

एरिक्सन इंडिया की ओर से रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी एवं अन्य के खिलाफ दायर अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है. एरिक्सन ने इन लोगों पर 550 करोड़ रुपये बकाया चुकता नहीं करने का आरोप लगाया है. कोर्ट ने अक्टूबर में आरकॉम से कहा था कि अगर दिसंबर 2018 तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें 12 फीसदी सालाना ब्याज दर से रुपए वापस देनें होंगे.

एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि अंबानी ने 15 दिसंबर 2018 तक बकाया भुगतान नहीं किया है.