पेटीएम के मालिक ने सेक्रेटरी के खिलाफ केस किया, ‘सीक्रेट’ को लेकर हो रही थी ब्लैकमेलिंग

पेटीएम के दो कर्मचारियों सहित तीन को ई-वॉलेट कंपनी के संस्थापक विजय शेखर शर्मा को चोरी किए गए व्यक्तिगत आंकड़ों और गोपनीय जानकारी का खुलासा करने की धमकी देने तथा उनसे 10 करोड़ रुपये ऐंठने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. नोएडा पुलिस ने  यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि इनमें एक महिला भी शामिल है जो इस प्रयास की कथित तौर पर सूत्रधार है. गिरफ्तार लोगों में महिला सोनिया धवन, महिला का पति रूपक जैन और एक कर्मचारी देवेंद्र कुमार शामिल है. महिला शर्मा की सेक्रेटरी रह चुकी है.

 

तीनों ने कंपनी को नुकसान पहुंचाने और उसकी छवि खराब करने के लिए आंकड़े लीक करने तथा जानकारी का दुरूपयोग करने की धमकी दी थी. कंपनी का मुख्यालय नोएडा में है. कंपनी के दो कर्मचारियों सहित तीन को सेक्टर 20 थाने की एक टीम ने गिरफ्तार किया. मामले में चौथा आरोपी फरार है.

 

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विजय शेखर शर्मा के छोटे भाई अजय शेखर शर्मा अारोपियों को पहले ही दो बार में 69 लाख रुपये दे चुके हैं. एक बार उन्होंने दो लाख रुपये दिए थे और दूसरी बार 67 लाख लाख रुपये. गौतम बुद्ध नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने कहा कि पेटीएम के मालिक के भाई अजय शर्मा ने पुलिस से शिकायत की थी कि उनके कर्मचारियों ने कुछ आंकड़े चुरा लिए हैं और अब वे ब्लैकमेल कर रहे हैं. वे लोग इसे लीक नहीं करने के लिए 10 करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं. ब्लैकमेल करने वालों ने उनके भाई विजय शेखर शर्मा के पास भी वाट्सअप कॉल किया. शर्मा ने कहा कि, “मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए थाना सेक्टर 20 के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पंत के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई.

 

पुलिस टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.” उन्होंने बताया कि, “गिरफ्तार तीनों आरोपियों के पास से चोरी किया गया महत्वपूर्ण डाटा बरामद हुआ है. तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. पुलिस इनकी कस्टडी रिमांड लेने का प्रयास कर रही है.” पुलिस ने बताया कि आरोपी सोनिया की उम्र करीब 30 साल है और वह पिछले 10 वर्षों से पेटीएम में काम कर रही है. देवेंद्र भी करीब सात वर्षों से पेटीएम में काम कर रहा है.

 

पेटीएम के संस्थापक वियज शर्मा के भाई अजय शर्मा कंपनी में सीनियर वाईस-प्रसिडेंट हैं. अजय शर्मा ने कहा, “20 सितंबर की शाम चार बजे मेरे पास एक फोन आया. फोन करने वाले व्यक्ति ने सूचना के बदले 10 करोड़ रूपये मांगे. लेकिन जब मैंने पैसे देने से इंकार कर दिया तो उसने विजय शर्मा को फोन किया. उनसे भी 10 करोड़ की मांग की गई.कथित तौर पर फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद की पहचान रोहित चोमाल के रूप में बताई. कई बार बात करने के बाद चोमाल से दो लाख रुपये तुरंत ट्रांसफर करने पर सहमति बनी.

 

अजय ने आगे कहा, “हमने उसे दो लाख रुपये का ऑफर इसलिए दिया ताकि हम अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें. पैसे ट्रांसफर करने के बाद हमने उससे जानना चाहा कि आखिर उसके हाथ ये डाटा कैसे लगा? लेकिन उसने इसके बदले और अधिक पैसों की डिमांड की. हमारे द्वारा कई बार पूछे जाने पर उसने डाटा के सोर्स का खुलासा किया. बताया कि सोनिया, रूपक जैन और देवेंद्र ने डाटा चोरी कर उसे दिया है.”