पकौड़े बेचने वाले छात्रों पर 20-20 हज़ार जुर्माना, छत भी छीन ली

पकौड़े बेचने वाले छात्रों पर 20-20 हज़ार जुर्माना, छत भी छीन ली

नई दिल्ली :  पकौड़े बेच रहे उन चार छात्रों पर 20-20 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. भारत की सबसे प्रखर यूनिवर्सिटी जेएनयू ने ये जुर्माना लगाया है. जेएनयू में चार छात्रों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही साथ एक छात्र को हॉस्टल से भी निकाल दिया गया है, वहीं तीन अन्य छात्रों की सजा के तौर पर हॉस्टल बदल दिया गया है.

दरअसल, पीएम मोदी ने जी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में पकौड़े बेचने को रोजगार बताया था. उनके इस बयान का विरोधी पार्टियों द्वारा काफी विरोध किया जा रहा है. एनएसयूआई से जुड़े जेएनयू के छात्रों ने भी पीएम के इस बयान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी में अनिवार्य उपस्थिति के आदेश के विरोध में 5 फरवरी को पकौड़ा बेचकर प्रदर्शन किया था.

चीफ प्रोक्टर ने छात्रों की इस हरकत को अनुशासनहीनता करार दिया. प्रोक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा गया, ‘प्रथम दृष्टि में यह पाया गया कि आप लोगों ने साबरमती बस स्टैंड के पास सड़क को ब्लॉक किया और प्रशासनिक भवन के पास स्थित टी-प्वाइंट पर भी आप लोगों की वजह से जाम लगा था, जिसके कारण छात्रों और बाकी सारे स्टाफ को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हॉस्टल का सामान लेकर जाने वाले वाहनों को भी काफी दिक्कत हुई.

इसके अलावा चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (सीएसओ) ने आपको कई बार प्रदर्शन के स्थान पर पकौड़ा तलने से मना किया था, लेकिन आप लोगों ने उनकी बात नहीं मानी. वहीं आप लोगों ने प्रदर्शन के स्थान पर रात को फिल्म भी दिखाई और इलेक्ट्रिक केबल भी अपने साथ लेकर गए. यह सारी हरकतें अनुशासनहीनता के तहत आती हैं.’

प्रोक्टर की ओर से यह लेटर 8 फरवरी को जारी किया गया था, लेकिन उसके बाद भी शनिवार को यानी 10 फरवरी को यूनिवर्सिटी में कई जगह पर प्रदर्शन हुआ था. रिपोर्ट्स के मुताबिक चीफ प्रोक्टर की ओर से विरोध प्रदर्शन ना करने का आदेश देने के बाद भी जब छात्र नहीं रुके तब उनके ऊपर जुर्माना लगाया गया. जेएनयू के तीन छात्र अलिमुद्दीन, मुकेश कुमार और मनीष मीना को नोटिस जारी करते हुए कहा गया, ‘प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए वाइस चांसलर ने आप सभी के ऊपर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए तत्काल प्रभाव से आपको हॉस्टल बदलने का आदेश दिया है.’ इसके अलावा चौथे छात्र विकास यादव के लिए जारी नोटिस में जुर्माने की बात तो कही ही गई है, लेकिन साथ ही साथ लिखा है, ‘आपको तत्काल प्रभाव से अगले दो सेमेस्टर तक के लिए हॉस्टल छोड़ना होगा.’