शादी के कार्ड पर लिखा – हमारी भूल , कमल का फूल

शादी के कार्ड पर लिखा – हमारी भूल , कमल का फूल

भोपाल : मध्य प्रदेश में चुनाव नज़दीक हैं. बीजेपी को 15 साल सरकार मे हो चुके हैं सरकार ने मीडिया को साध रखा है लेकिन अब लोगों ने अपनी बात कहने के नये नये तरीके निकालने शुरू कर दिए हैं. सागर जिले में एक परिवार ने सरकार से नाराज़गी जाहिर करने के लिए अपनी बेटी की शादी का कार्ड लिखवा दिया – ‘हमारी भूल-कमल का फूल’. इतना ही नही ये परिवार आगे बच्चों की स्कूल ड्रेस में, फिर घर के बाहर बैनर भी लगाने की सोच रहा है. परिवार के लोगों  का कहना है कि सरकार नौजवानों को नौकरी देने की बात कह रही है लेकिन हकीक़त में उनसे नौकरी छीनी जा रही है.

6 फरवरी को सागर में देवरी तहसील के राजेन्द्र की बिटिया रागिनी की शादी है, शादी के लिये खेत गिरवी रखने की नौबत आ गई क्योंकि बेटा अनुराग जैन जो 2010 में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नियुक्त हुआ था, उसके साथ करीब 473 कर्मचारियों को सरकार ने नौकरी से निकाल दिया है.

अनुराग की मां अनीता ने कहा, ‘हमारा लड़का 7 साल से नौकरी में था. उसे जून में नौकरी से निकाल दिया. घर में आय का कोई साधन नहीं है. हमने खेती गिरवी रखी है, लोन लेने सोमवार को निकल जाएंगे, साल में बेटा 50 बार भोपाल गया, कितने लोगों से उधार लिया. हमने ज़िंदगी में एक ही गलती की कि बीजेपी को वोट दिया.

कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा ने कहा, ‘ये संकेत अभी चिंगारी के रूप में सामने आया है, 2018 में ज्वालामुखी बनेगा. समाज का हर वर्ग क्षुब्ध है सरकार को मुंह बचाना भी मुश्किल होगा.’

पीड़ित परिवार

उधर बीजेपी का अहंकार आसमान पर है. बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी कहते हैं, संविदा कर्मी काम नहीं करते, उस मानसिकता में नहीं ढल पाते. इसलिये सरकार को कड़े फैसले करने पड़ते हैं. अगर शादी में समस्या थी तो कलेक्टर को सूचना देते, वो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के माध्यम से शादी करवाते, विदाई भी कर आते.

सरकारी आंकड़े कहते हैं कि पिछले दो सालों में मध्यप्रदेश में 53 फीसद बेरोजगार बढ़े हैं, जबकि राज्य में लगभग डेढ़ करोड़ युवा हैं. चुनाव साल के आखिर में हैं, हालात नहीं संभले तो वाकई स्थिति विस्फोटक हो सकती है.