भारी पुलिस बल नहीं तोड़ सका जिग्नेश के हौसले, सिर्फ 500 लोगों ने कर दिखाई रैली

भारी पुलिस बल नहीं तोड़ सका जिग्नेश के हौसले, सिर्फ 500 लोगों ने कर दिखाई रैली

नई दिल्ली : गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने मंगलवार को हुंकार रैली की. दिल्ली के संसद मार्ग पर हुई रैली में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी सरीखे असल मुद्दे केंद्र सरकार ने दबा दिए. घर वापसी, लव जिहाद और गाय जैसे मसलों को जगह दी गई. वे इसके खिलाफ हैं. आपको बता दें कि गुजरात के नवनिर्वाचित विधायक मेवाणी की अगुवाई में यहां युवा हुंकार रैली का आयोजन किया गया.

इस रैली को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी. पुलिस ने रैली की अनुमति नहीं दी थी इसके बावजूद उन्होंने रैली की और कोई नहीं रोक पाया. मेवाणी ने रैली तो की, मगर वे यहां पर भीड़ जुटाने में नाकामयाब रहे है. महज 500 लोग ही उनकी इस रैली में हिस्सा लेने पहुंचे थे. संसद मार्ग थाने के पास इस दौरान बने मंच पर जवाहर लाल नेहरू विवि (जेएनयू) के पूर्व एवं वर्तमान छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे. रैली में वह बोले, “हम पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया. हम चुनाव लड़े और जीते.

पूरे कैंपेन में बोलते थे कि 22 साल में गुजरात में बोलने की राजनीति हुई. हम तो सिलाई मशीन वाले हैं. धागे से धागा जोड़कर राजनीति करने आए हैं. साथी कन्हैया, शेहला और बाकी साथियों का कहना सही है. हम लव जिहाद वाले नहीं हैं. हम 14 अप्रैल भी मनाएंगे और वैलेंटाइन डे भी मनाने वाले हैं. ये भी साफ कर दें कि जिस तरह गुजरात में अल्पेश ठाकुर, जिग्नेश मेवानी और हार्दिक ने मिल कर इनके घमंड को तोड़ा, उसी के चलते हमें टारगेट किया जा रहा है.”

मेवाणी ने असल मुद्दे उठाते हुए पूछा, “मोदी जी मैं आपके ही राज्य का हूं. आपको जवाब देना होगा. मध्य प्रदेश के किसानों पर गोलियां क्यों चलाई गईं? लव जिहाद के नाम पर राजनीति हुई. गाय के नाम पर राजनीति हुई. लव जिहाद के नाम पर सिसायत की गई. विदेशों से कालाधन भी क्यों वापस नहीं लाया गया. युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिला?”

मेवाणी की हुंकार रैली का मकसद दलित संगठन भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद की रिहाई की मांग रखना और शैक्षणिक अधिकार, रोजगार, आजीविका और लैंगिक न्याय सरीखे मसलों पर ध्यान देना है. आदाज को बीते साल जून में हिमाचल से पुलिस ने पकड़ लिया था. उन्हें यूपी के सहारनपुर जिले में हुए ठाकुर-दलित संघर्ष का मुख्य आरोपी बताया गया है, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी हुई थी.