जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल डीजल पर आई ये खबर, अब नहीं तो कब

जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल डीजल पर आई ये खबर, अब नहीं तो कब

नई दिल्ली :  मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट से ठीक पहले हुई जीएसटी परिषद की बैठक में भारी उम्मीदों और आसमान छूती कीमतों के बावजूद डीजल पेट्रोल और रियल स्टेट पर लोगों को कोई राहत नहीं मिली है. हालांकि जीएसटी काउंसिल ने 29 चीज़ों पर जीएसटी खत्म कर दिया है. लेकिन इनमें से भी ज्यादातर हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद हैं. अब हैंडी क्राफ्ट के दाम ज्यादा या कम हो तो इससे क्या फर्क पड़ता है. जो लोग हैंडी क्राफ्ट खरीदते हैं वो थोड़ा बहुत दाम ज्यादा हो तो भी खरीद ही लेंगे. इसके अलावा 39 चीजों पर जीएसटी कम करके 5 फीसदी व 12 फीसदी कर दिया  है.

दामों में राहत देना तो दूर फॉर्म को सरल बनाने के मामले में भी काउंसिल से कुछ न हुआ. अब कह रहे हैं कि दस दिन बाद फइर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करेंगे.

दरअसल कारोबारी लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि जीएसटी रिटर्न भरना आसान किया जाए. उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 जैसे कई फॉर्म  भरने से निजात दिला सकती है. कई फॉर्म्स  की जगह एक ही फॉर्म लाने का फैसला भी इस मीटिंग में ले सकती है, लेक‍िन ऐसा हुआ नहीं.

इसके अलावा रियल इस्टेट को जीएसटी के तहत लाने पर भी कोई फैसला इस बैठक में नहीं हो सका. हालांकि इस पर चर्चा जरूर हुई है.

ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि इस बैठक में जीएसटी परिषद रियल इस्टेट को जीएसटी के दायरे में ला सकती है. इसकी वजह यह थी कि समय-समय पर वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत सरकार के कई नेता रियल इस्टेट को जीएसटी के तहत लाने की बात कई बार कह चुके हैं.

इस बैठक में रियल इस्टेट को जीएटी के दायरे में लाने पर कोई फैसला नहीं हुआ. रियल इस्टेट के जीएसटी के दायरे में आने से आम लोगों को स्टांप ड्यूटी समेत कई चीजों पर होने वाले खर्च से निजता मिल सकता है.

पेट्रोल-डीजल को लेकर भी नहीं हुआ फैसला

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पेट्रोल की कीमत फिर 80 रुपये के करीब पहुंच गई है. वहीं, कई राज्यों में डीजल 65 का आंकड़ा पार कर चुका है. लेकिन इस पर कुछ नहीं हुआ.