द वायर’ की याचिका गुजरात हाईकोर्ट ने ठुकराई, जय शाह का मानहानि केस चलता रहेगा

द वायर’ की याचिका गुजरात हाईकोर्ट ने ठुकराई, जय शाह का मानहानि केस चलता रहेगा

अहमदाबाद : गुजरात हाईकोर्ट ने द वायर की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें जय शाह द्वारा दायर किए गए मानहानि के मुकदमे की सुनवाई रोकने की अर्जी लगाई गई थी. दूसरे शब्दों में इस केस मे हाईकोर्ट ने हाथ डालने से मना कर दिया है. अब मामले पर जो भी सुनवाई हीग वो निचली अदालत में ही होगी और जैसे चल रही थी वैसे ही चलेगी. हालांकि बीजेपी समर्थक इसे जय शाह के समर्थन में दिया फैसला कहकर प्रचारित कर रहे हैं लेकिन सच यही है कि मामला निचली अदालत में चलता रहेगा,

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इकलौते बेटे जय शाह ने निचली अदालत 100 करोड़ रूपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है. इसे ही रद्द करने की न्यूज पोर्टल (वेबसाइट) ‘द वायर’ की अर्जी आज खारिज कर दी.

न्यायाधीश जे बी पारडीवाला की एकल पीठ ने न्यूज पोर्टल की अअहमदाबाद : गुजरात हाईकोर्ट ने द वायर की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें जय शाह द्वारा दायर किए गए मानहानि के मुकदमे की सुनवाई रोकने की अर्जी लगाई गई थी. दूसरे शब्दों में इस केस मे हाईकोर्ट ने हाथ डालने से मना कर दिया है. अब मामले पर जो भी सुनवाई हीग वो निचली अदालत में ही होगी और जैसे चल रही थी वैसे ही चलेगी. हालांकि बीजेपी समर्थक इसे जय शाह के समर्थन में दिया फैसला कहकर प्रचारित कर रहे हैं लेकिन सच यही है कि मामला निचली अदालत में चलता रहेगा,

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इकलौते बेटे जय शाह ने निचली अदालत 100 करोड़ रूपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है. इसे ही रद्द करने की न्यूज पोर्टल (वेबसाइट) ‘द वायर’ की अर्जी आज खारिज कर दी.

न्यायाधीश जे बी पारडीवाला की एकल पीठ ने न्यूज पोर्टल की अर्जी को रद्द करते हुए कहा कि हाई कोर्ट को निचली अदालत में चल रही न्यायिक प्रक्रिया को बंद करने का कारण नजर नहीं आता.

इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय अमित शाह ने उन पर रिपोर्ट छापने वाली न्यूज़ वेबसाइट ‘द वायर’ से जुड़े सात लोगों पर आपराधिक मानहानि का केस दायर कर दिया था.

अहमदाबाद के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में जय अमितभाई शाह ने ‘द वायर’ की रिपोर्टर रोहिणी सिंह, फ़ाउंडर एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन, सिद्धार्थ भाटिया, एमके वेणु, मोनोबिना गुप्ता, पामेला फिलिपोज़ को इस मानहानि केस में पार्टी बनाया है.

जय शाह ने ‘द वायर’ की मिल्कियत रखने वाले ट्रस्ट ‘फ़ाउंडेशन फ़ॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म’ पर भी केस किया है.
रोहिणी सिंह वो रिपोर्टर हैं जिनके नाम से ‘द वायर’ ने जय अमित भाई शाह के कारोबार में हुई कथित अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर रविवार को रिपोर्ट छापी थी.

जय शाह की तरफ से जवाब केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल ने दिया था. उन्होंने कहा था, वेबसाइट पर छपी ख़बर गढ़ी गई है और अमित शाह के बेटे जय शाह सोमवार को अहमदाबाद में वेबसाइट के संपादक और रिपोर्टर के ख़िलाफ़ 100 करोड़ का मानहानि का आपराधिक मुक़दमा दर्ज कराएंगे.
कांग्रेस के प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने वेबसाइट में प्रकाशित ख़बर का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि 2015-16 में जय शाह की कंपनी का सालाना कारोबार 50 हज़ार रुपये से बढ़कर 80.5 करोड़ रुपये तक पहुँचने की जाँच होनी चाहिए. सिब्बल ने आरोप लगाया कि बीजेपी के सत्ता में आने के एक साल के भीतर ही शाह की कंपनी का टर्नओवर 16000 गुना बढ़ा.
र्जी को रद्द करते हुए कहा कि हाई कोर्ट को निचली अदालत में चल रही न्यायिक प्रक्रिया को बंद करने का कारण नजर नहीं आता.
इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय अमित शाह ने उन पर रिपोर्ट छापने वाली न्यूज़ वेबसाइट ‘द वायर’ से जुड़े सात लोगों पर आपराधिक मानहानि का केस दायर कर दिया था.

अहमदाबाद के मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में जय अमितभाई शाह ने ‘द वायर’ की रिपोर्टर रोहिणी सिंह, फ़ाउंडर एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन, सिद्धार्थ भाटिया, एमके वेणु, मोनोबिना गुप्ता, पामेला फिलिपोज़ को इस मानहानि केस में पार्टी बनाया है.
जय शाह ने ‘द वायर’ की मिल्कियत रखने वाले ट्रस्ट ‘फ़ाउंडेशन फ़ॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म’ पर भी केस किया है.
रोहिणी सिंह वो रिपोर्टर हैं जिनके नाम से ‘द वायर’ ने जय अमित भाई शाह के कारोबार में हुई कथित अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर रविवार को रिपोर्ट छापी थी.

जय शाह की तरफ से जवाब केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल ने दिया था. उन्होंने कहा था, वेबसाइट पर छपी ख़बर गढ़ी गई है और अमित शाह के बेटे जय शाह सोमवार को अहमदाबाद में वेबसाइट के संपादक और रिपोर्टर के ख़िलाफ़ 100 करोड़ का मानहानि का आपराधिक मुक़दमा दर्ज कराएंगे.

कांग्रेस के प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने वेबसाइट में प्रकाशित ख़बर का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि 2015-16 में जय शाह की कंपनी का सालाना कारोबार 50 हज़ार रुपये से बढ़कर 80.5 करोड़ रुपये तक पहुँचने की जाँच होनी चाहिए. सिब्बल ने आरोप लगाया कि बीजेपी के सत्ता में आने के एक साल के भीतर ही शाह की कंपनी का टर्नओवर 16000 गुना बढ़ा.