पाकिस्तान के बाद ट्रंप का भारत को झटका, कई भारतीयों का भविष्य खतरे में

पाकिस्तान के बाद ट्रंप का भारत को झटका, कई भारतीयों का भविष्य खतरे में

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक अभी पाकिस्तान की सहायता बंद होने का जश्न पूरी तरह मना भी नहीं पाए थे कि ट्रंप प्रशासन ने मोदी को नया झटका दे दिया. नया सवाल ये है कि पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन पर खुशियां मनाएं या भारत से बदसलूकी पर ट्रंप प्रशासन को गालियां दें.

ट्रम्प एडमिस्ट्रेशन के एच-1बी वीजा पॉलिसी में बदलाव के प्रपोजल से अमेरिका में 75 हजार भारतीयों की नौकरी खतरे में पड़ गई है. प्रशासन ने एक पॉलिसी मेमोरेंडम जारी किया है. इसमें कहा गया है कि कम्प्‍यूटर प्रोग्रामर्स एच-1बी वीजा के लिए पात्र नहीं होंगे.

अमेरिका में सबसे ज्यादा एच-1बी वीजा भारतीयों के पास हैं. अप्रैल, 2017 में इससे जुड़ा आंकड़ा जारी किया गया था. यूएस सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विस (USCIS) की रिपोर्ट में कहा गया था कि 2007 से जून 2017 तक USCIS को 34 लाख एच-1बी वीजा एप्लीकेशन मिलीं. इनमें भारत से 21 लाख एप्लीकेशन थीं.

भारतीयों का एच-1बी एक्सटेंड नहीं होगा

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटी (डीएचएस) का ये प्रपोजल उन विदेशी वर्कर्स को अपना एच-1बी वीजा रखने से रोक सकता है जिनके ग्रीन कार्ड एप्लीकेशन अटके हुए हैं. इसमें बड़ी संख्या भारतीय पेशेवरों की है.

ट्रम्प सरकार के फैसले से अमेरिका में हजारों भारतीयों का एच-1बी एक्सटेंड नहीं होगा क्योंकि वहां स्थायी निवास की इजाजत के लिए उनके ग्रीन कार्ड एप्लीकेशन फिलहाल अटके हुए हैं. इस नियम के लागू होने पर करीब 75 हजार नौकरीपेशा लोगों पर असर पड़ेगा. भारत के अलावा दूसरों देशों के युवाओं को भी अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है.

बाय अमेरिकन हायर अमेरिकन पॉलिसी पर काम कर रहे ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री और यहां के एक्सपर्ट को तगड़ा झटका दिया है. नैस्कॉम ने इसे लेकर चिंता जताई है.

 

भारतीयों पर असर

यूएस सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विस (USCIS) की रिपोर्ट में कहा गया था कि 2007 से जून 2017 तक USCIS को 34 लाख एच-1बी वीजा एप्लीकेशन मिलीं. इनमें भारत से 21 लाख एप्लीकेशन थीं. इसी दौरान अमेरिका ने 26 लाख लोगों को को एच-1बी वीजा दिया. हालांकि, रिपोर्ट में ये साफ नहीं हो पाया कि अमेरिका ने किस देश के कितने लोगों को वीजा दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, एच-1बी वीजा पाने वालों में 23 लाख की उम्र 25 से 34 साल के बीच है. इनमें 20 लाख आईटी सेक्टर की नौकरियों से जुड़े हुए हैं.

दूसरी ओर, अप्रैल 2017 में USCIS ने 1 लाख 99 हजार एच-1बी पिटीशन रिसीव कीं. अमेरिका ने 2015 में 1 लाख 72 हजार 748 वीजा जारी किए, यानी 103% ज्यादा.

क्या है एच-1बी वीजा?

एच-1बी वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है. इसके तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी थ्योरिटिकल या टेक्निकल एक्सपर्ट्स को अपने यहां रख सकती हैं. इस वीजा के तहत आईटी कंपनियां हर साल हजारों इम्प्लॉइज की भर्ती करती हैं.

यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) जनरल कैटेगरी में 65 हजार फॉरेन इम्प्लॉइज और हायर एजुकेशन (मास्टर्स डिग्री या उससे ज्यादा) के लिए 20 हजार स्टूडेंट्स को एच-1बी वीजा जारी करता है.