योगी को पति बताने पर देश द्रोह के केस में जेल, हक मांगने का ऐसा सिला !!

योगी को पति बताने पर देश द्रोह के केस में जेल, हक मांगने का ऐसा सिला !!

नई दिल्ली :  किसी तानाशाह सरकार से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं. एक महिला ने अपनी वेतन जैसी छोटी मांग के लिए सीएम योगी के पुतले से शादी रचाई. ये विरोध का एक तरीका था ताकि लोगों का ध्यान आकर्षित हो सके. कम से कम ये विरोध वैसा नहीं था जैसा गर्दन काटने की सुपारी देकर लोग करते हैं. लेकिन इस बेहद लोकतांत्रिक विरोध पर उस महिला के ऊपर राजद्रोह का केस दर्ज कर लिया गया है. जबकि लोगों को मारकर किले से लटका देने वालों पर मुकदमा तक नहीं होता. अलवर में पहलू खान की हत्या करने वालों को पुलिस अपने स्तर पर ही क्लीन चिट दे देती है.

पुलिस ने इस महिला को आज कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की जूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है. ये महिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है जो लगातार अपनी मांगों के लिए दमन सह रहे हैं. पिछले दिनों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं को पुलिस ने हजरत गंज में ज़मीन पर गिरा गिराकर पीटा था.

-नीतू सिंह को जब कोर्ट से जेल भेजा गया. उस बीच सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी की महिला वर्कर कोर्ट के बाहर नीतू सिंह जिंदाबाद के नारे लगा रही थी.इस मामले पर नीतू सिंह ने कहा, “प्रशासन ने साजिश के तहत उनको बातचीत करने के बहाने बुलाया गया. उनके खिलाफ देशद्रोह का केस लगाया गया है. उसके बाद जेल भेज दिया गया. उनका ये आरोप है कि चुनाव के दौरान उन्होंने बीजेपी को वोट किया था, उन्हें ये सजा मिली है.”

-सीएम योगी की पत्नी का दावा करने वाली महिला को पुलिस ने शुक्रवार को पकड़ लिया था. उस वक्त सीएम योगी सीतापुर के नैमिषारण्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे.

-सीएम की पत्नी का स्वांग करके विरोध करने वाली नीतू सिंह ने कहा, “हमने उनके साथ 5 दिसंबर को शादी (सांकेतिक) तौर पर की है. हमारी ये मांग है कि या तो सीएम योगी अपने साथ ले चलें, या फिर हमे गुजारा भत्ता के तौर पर 15 हजार रुपए महीने दे.”

बता दें कि आंगनबाड़ी वर्कर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी थी. 5 दिसंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ की फोटो से सांकेतिक तौर एक महिला ने शादी कर 7 फेरे लिए. इस दौरान दुल्हन ने बाकायदा CM योगी को अपना पति मानकर रस्मों को पूरा किया. इसके साथ ही फिल्मी गानों के बीच जयमाल हुआ और मिठाइयां बांटी गईं. शादी में सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी की महिलाएं बराती और घराती बनीं .