सादगी के शहंशाह हैं राहुल गांधी, सड़क पर मूंगफली खरीदी और पूछा ये सवाल

सादगी के शहंशाह हैं राहुल गांधी, सड़क पर मूंगफली खरीदी और पूछा ये सवाल

देहरादून: उत्तराखंड यात्रा पर गए राहुल गांधी अचानक एक मूंगफली वाली रेहड़ी के पास पहुंच गए. उन्होंने उससे 30 रुपये की मूंगफली और 20 रुपये की गजक खरीदी. राहुल को इस तरह अपने पास खड़ा देख शिवशंकर हैरान रह गया. देहरादून के नटराज चौक पर ठेली में मूंगफली बेचने वाले शिव शंकर प्रसाद ने कहा कि उसे ये दिन हमेशा याद रहेगा. राहुल के साथ मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेशाध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी आ गए. मुख्यमंत्री रावत बोले भाई इन्हें जानते हो? ठेली वाला तपाक से बोला ‘हां सोनिया गांधी के बेटे हैं.’

सीएम रावत ने शिव शंकर से गजक का दाम पूछा तो उसने बताया कि 20 रुपए का एक पैकेट है. रावत ने कहा कि फिर 30 रुपए की मूंगफली और 20 रुपए का गजक दे दो. राहुल ने उन्हें 50 रुपए का नोट थमाते हुए कहा वोट किसको दोगे भईया. यह सुन कर वहां खड़े सभी लोग हंस पड़े. शिवपाल भी राहुल की बात सुनकर हंसने लगा.

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी की कमान संभाल चुके हैं. इसके तहत सोमवार को राहुल गांधी उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुंचे.

राहुल ने यहां एक रैली को संबोधित किया, इस दौरान वे काफी जोश में दिखे. रैली की शुरुआत में ही राहुल ने अपनी जैकेट उतारते हुए कहा कि आप लोगों का जोश देख मुझ में भी गर्मी आ गई है. राहुल ने अपना फटा हुआ कुर्ता दिखाते हुए कहा कि मैं गरीबों की राजनीति करता हूं.

राहुल ने तिरंगे का जिक्र करते हुए कहा कि तिरंगे के लिए लाखों लोगों ने कुर्बानी दी व जवान गोली खाते हैं लेकिन आरएसएस ने 52 साल तक तिरंगा नहीं फहराया. RSS ने नागपुर में तिरंगा नहीं फहराया.

राहुल ने कहा कि खादी ग्राम उद्योग के कैलेंडर पर गांधीजी के जगह मोदीजी की तस्वीर लगाई गई. जिसने तिरंगे के लिए सीने पर तीन गोली खाई, उसकी तस्वीर हटा दी गई. चरखा गरीबों का खून-पसीना है. एक तरफ मोदीजी इसके साथ फोटो लेते हैं, दूसरी तरफ दिन में 50 उद्योगपतियों से घिरे रहते हैं. नरेंद्र मोदी गरीबों की बात करते हैं, पर गरीबों के बीच नहीं जाते. राहुल ने लोगों को अपना फटा हुआ कुर्ता दिखाया और कहा है कि देखिए मैं फटा कुर्ता भी पहनता हूं, सूटबूट नहीं.

 

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