बीएचयू में फिर बवाल, छात्रों ने स्कूल बस में आग लगाई, जबरदस्त पथराव

बीएचयू में फिर बवाल, छात्रों ने स्कूल बस में आग लगाई, जबरदस्त पथराव

वाराणसी : बीएचयू में एक बार फिर माहौल गरमा गया. बुधवार शाम को कुछ छात्रों ने जमकर हंगामा किया. सारा बवाल डीजे नाइट को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुआ. बिरला छात्रावास में रहने वाले छात्र आशुतोष सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों ने मेन गेट पर पथराव के साथ ही कैंपस में जगह-जगह खड़ी मरीजों, तीमारदारों, प्रोफेसरों, चिकित्सकों की करीब 100 गाड़ियों, विश्वनाथ मंदिर के पास दुकानों, स्टेट बैंक की एटीएम में तोड़फोड़ किया. बता दें कि बीएचयू आईआईटी के कार्यक्रम डीजे नाइट को लेकर हुए बवाल सहित अन्य दो मामलों में आशुतोष सिंह की गिरफ्तारी हुई.

साथी की गिरफ्तारी से छात्र भड़क गए और कैंपस में जगह जगह उत्पात मचाया.खास बात यह रही कि जब यह घटना हो रही थी तो पुलिस-पीएसी के जवान जहां गेट के बाहर खड़े रहे वहीं अंदर रहे विश्वविद्यालय सुरक्षाकर्मी भी मूकदर्शक बने रहे.

बवाल कर रहे छात्रों ने चेहरों पर नकाब लगाए हुए थे, जिसकी आड़ में उन्होंने जमकर बवाल काटा, चौराहे पर निकलने वाले वाहनों पर पत्थरबाजी की. इस दौरान स्कूल बस के बच्चों ने नीचे झुककर जान बचाई. उपद्रवियों ने दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस को आग के हवाले कर दिया.

बता दें कि बीते एक माह से अधिक समय से आशुतोष सिंह का मामला परिसर में चर्चा का विषय बना हुआ है. सबसे पहले आईआईटी बीएचयू में डीजे नाइट को लेकर समर्थकों संग हंगामा किया था. उसके बाद आईआईटी निदेशक के फेसबुक अकाउंट से छात्रों के गाली गलौज का मामला सामने आया था.

यह सब मामला चल ही रहा था तब तक बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के साथ फोन पर गाली गलौज को लेकर भी मुकदमा दर्ज हुआ था.  भेलूपुर सीओ एपी सिंह ने बताया कि समाजवादी छात्र सभा के आशुतोष के खिलाफ आईपीसी की धारा 395 के तीन मुकदमें पंजीकृत है. जिसके लिए कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया है. बुधवार की सुबह आशुतोष की गिरफ्तारी हुई.

सबसे पहले छात्रों ने सिंहद्वार बंद कर प्रदर्शन किया था. यहां पर अधिकारियों से विवाद के बाद छात्र उग्र हो गए. मुख्य द्वार बंद होने के कारण न तो कोई बाहर जा पा रहा था और न ही कोई अंदर आ पा रहा था. उधर, पुलिस सिंहद्वार के बाहर रही खड़ी रही. हालांकि शाम छह बजे के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ. इसके बाद भी कैंपस में रहने वाले व गुजरने वालों में दहशत व्याप्त थी.