वायरल वीडिया का सच सामने आया, लव जेहाद का केस नहीं था वो, हकीकत बेहद टुच्ची है

वायरल वीडिया का सच सामने आया, लव जेहाद का केस नहीं था वो, हकीकत बेहद टुच्ची है

वायरल वीडिया का सच सामने आया, लव जेहाद का केस नहीं था वोनई दिल्ली: लव जेहाद को लेकर बेरहमी से हत्या के वायरल वीडिया का सच सामने आ गया है. दर असल मामला लव जेहाद का न होकर दिलजले आशिक की खूनी करतूत का था. पुलिस को पूछताछ में जो कहानी पता चली है वो बेहद शर्मनाक है. हत्या करने वाला शंभु दयाल न तो लव जेहाद के खिलाफ कोई कार्यकर्ता था न कोई हिंदूवाद कार्यकर्ता. दर असल वो दिलजला आशिक था.

पुलिस से पूछताछ में जो कहानी सामने आई है उसके मुताबिक आरोपी शंभू दयाल कुछ सालों से से वो अपने हीं मुहल्ले की लड़की के साथ लिवइन में रह रहा था दोनों साथ साथ काम करते थे. आरोपी शंभूदयाल पीडब्लूडी में ठेकेदारी का काम लेता था. दोनों दोस्त थे और मृतक इसके लिए पश्चिमबंगाल से मजदूर लेकर आता था. लेकिन कुछ महीनों से शंभूदयाल नशा करने लगा था. इसलिए लड़की ने उसका साथ छोड़ा औह भुट्टा शेख के पास रहने लगी. आरोपी शिवदयाल को ये बात नागवार गुजरी.

आरोपी और भुट्टाशेख दोनों दोस्त थे और एक हीं रैगरों के मुहल्ले में रहते थे. भुट्टा शेख के कमरे में उसके आठ साथी रहते थे. कल वो सुबह पहले तो भुट्टा शेख को कमरे में बंद कर पीटा और फिर उसे सुनसान जगह पर ले जाकर कुल्हाड़ी से काटा और जला डाला. इस मामले का उसने वीडियो बनाया और लव जेहाद के लिए कत्ल की शक्ल दे डारी. इस वारदात के लिए वो साथ में लड़की को भी ले गया था जिसे भुट्टाशेख का लाईव मर्डर दिखाया.

पुलिस के अनुसार उसने बताया कि पिछले कई दिनों से वो इसकी प्लानिंग कर रहा था. इसलिए उसने इंटरनेट पर लव जिहाद के बारे में पढ़ रहा था और तीन पन्नों का एक नोट भी लिखा है. पुलिस को उसने बताया कि हमारे मुहल्ले से दो लड़कियां गायब हुई थी जिसे पुलिस ने बरामद किया तो लड़कियों ने बताया कि भुट्टाशेख उन्हें भगाया था. हालांकि इस बात की पुष्टि अबतक नही हो पाई है. इस घटना के बाद से रैगरों के मुहल्ले से लोग भागे हुए हैं. पुलिस ने पूछताछ के लिए हत्यारे शंभू दयाल के करीब आठ दोस्तों को गिरफ्तार किया है. मौत के वीडियो में एक स्कूटी और एक मोटरसाईकल दिख रही है ऐसे में पुलिस को लगता है कि एक से ज्यादा लोग इस वारदात में शामिल थे. क्यों कि वारदात का वीडियो भी किसी तीसरे शख्स ने बनाया था.

इस घटना के बाद यूपी और बिहार और बंगाल के मजदूर राजसमंद छोड़कर भागने लगे हैं यहां करीब 2000 बाहरी मजदूर कंस्ट्रक्शन के काम में लगे हुए थे. मृतक भुट्टाशेख भी यहां पर सीसी रोड को ढालने का काम करता था. कातिल शंभूदयाल पीडब्लूडी में ठेकेदारी का काम लेता था. दोनों दोस्त थे और मृतक इसके लिए पश्चिमबंगाल से मजदूर लेकर आता था. लेकिन कुछ महीनों से शंभूदयाल नशा करने लगा था और बेरोजगार भी था.