रोज़ी को पागल की तरह तलाश रहे हैं 500 लोग लेकिन वो न तो ज़िंदा है न मुर्दा पर जेल में है

रोज़ी को पागल की तरह तलाश रहे हैं 500 लोग लेकिन वो न तो ज़िंदा है न मुर्दा पर जेल में है

नई दिल्ली : देश के 100 से ज्यादा लोगों ने रोज़ी पर भरासा किया था लेकन रोज़ी ने भरोसा तोड़ दिया. उनका मकसद रोज़ी थी लेकिन रोज़ी का मकसद था उनकी दौलत. अब ये लोग और इनके परिवार वाले परेशान हैं. क्योंकि जिस रोज़ी को वो ढ़ूंढ रहे हैं वो न तो ज़िंदा है न मुर्दा. न भारत में है न देश के बाहर. वो जेल में है. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है लेकिन पुलिस ने जिसे गिरफ्तार किया है वो रोज़ी नहीं है. फिल भी रोज़ी जेल जा चुकी है. दर असल रोज़ी के नाम पर फ्रेंक नाम का विदेशी शख्स लोगों को फेसबुक पर फंसाकर ठग रहा था

रुपये के बदले डॉलर देने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी के आरोप में एसटीएफ ने अफ्रीकी मूल के एक नागरिक को दिल्ली के विकासपुरी से गिरफ्तार किया है. आरोपी फेसबुक पर लड़की का फोटो लगाकर लोगों को अपने जाल में फांसता था. उसके नेटवर्क में कई भारतीय लड़कियां भी शामिल हैं. वह एयरपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी व विदेशी करंसी बदलने के नाम पर ठगी करता था. आरोपी की पहचान नाइजीरिया के रहने वाले फ्रैंक के रूप में हुई है. वह ठगी के दौरान नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कई ठिकाने बदल चुका था और इस समय दिल्ली में रह रहा था.

एसटीएफ के एएसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि राजस्थान के मिट्ठन लाल ग्वाला (45) ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर यह कार्रवाई हुई. आरोपी ने फेसबुक के जरिए पीड़ित से जान-पहचान बढ़ाई थी.

उसके बाद उसने अपनी विदेशी महिला मित्र रोज उर्फ रोजी से उनकी जान-पहचान कराई.

फेसबुक के मेसेंजर जरिए ही उनकी बात होती थी. रोजी ने बताया था कि वह सोने का व्यापार करती है और अपने व्यापार को भारत में स्थापित करना चाहती है. आरोप है कि युवती ने डॉलर देने के बदले में मिट्ठन लाल ग्वाला से एक लाख 55 हजार रुपये ठग लिए. ये रुपये कस्टम ड्यूटी देने के लिए बहाने से अलग-अलग अकाउंट में जमा करवाए गए थे.

पीड़ित से कहा गया था कि कस्टम ड्यूटी भारतीय रुपये में चुकाई जानी है. इसके बदले में युवती ने मिट्ठन को एक करोड़ 20 हजार रुपये कीमत के डॉलर देने का झांसा दिया था. बाद में आरोपियों के फोन बंद हो गए. इस मामले में पीड़ित ने राजस्थान के टोंक जिले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

मामले की जांच शुरू हुई तो पता चला कि जिस नंबर से पीड़ित को फोन किए गए वह उन्नाव व रायबरेली के पते पर लिए गए थे. शासन ने मामले की जांच की जिम्मेदारी यूपी एसटीएफ को सौंपी. एसटीएफ ने बुधवार शाम ठगी के आरोप में विदेशी नागरिक फ्रैंक को गिरफ्तार किया है. ठगी में शामिल महिला अभी फरार है. उसकी तलाश की जा रही है.

आरोप है कि विदेशी युवक भारतीयों को अपनी ठगी के जाल में फंसाता था. आरोपी ने अब तक करीब 100 लोगों से ठगी की हुई है. गिरोह में भारतीय युवतियां भी शामिल हैं. यह गिरोह लड़कियों का फोटो लगाकर फर्जी फेसबुक आईडी का यूज करता है. इस गिरोह में काफी लोग शामिल हैं. ठगी में बड़ी संख्या में अफ्रीकी मूल के नागरिकों को लगाया गया है.

इसके लिए वह नॉर्थ-ईस्ट के बैंकों में किराये पर अकाउंट लेते हैं. ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वहां के लोगों के नाम इनसे मिलते-जुलते होते हैं. इससे इनके जाल में फंसे लोग शक नहीं कर पाते हैं. अकाउंट मालिक को 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है. अकाउंट में पैसा आते ही, उसे एटीएम से निकाल लेते थे. एटीएम बूथ में जाते समय सिर पर हेल्मेट या नकाब लगाते हैं.