18 के बाद कहीं जीएसटी बढ़ेगा तो नहीं, उल्टे नतीजों से सरकार को टेंशन

18 के बाद कहीं जीएसटी बढ़ेगा तो नहीं, उल्टे नतीजों से सरकार को टेंशन

नई दिल्लीः  जीएसटी कानून का अब तक का अनुभव कहता है कि सरकार को असफलता ही हाथ ल रही है. चीजों  के दाम बढ़े हैं, उन पर टैक्स बढ़ा है,  इसके बावजूद सरकार को मिलने वाला टैक्स कम होता जा रहा है. यानी सरकार ने टैक्स चोरी बंद होने का दावा किया था और टैक्स चोरी बढ़ गई है.

इस पर अगला फैसला जीएसटी काउंसिल लेगी लेकिन दिल्ली के डिपुटी सीएम मनीष सिसोदिया की एक बाद गौर करने वाली है – टैक्स की दरें बढ़ाने से सरकार की कमाई कम होगी. आज उनकी बात सही होती दिख रही है. हालात ये हैं कि  जीएसटी से होने वाली कमाई में गिरावट का सिललिसा जारी है. नवबंर के महीने में कुल कमाई करीब 81 हजार करोड़ रुपये की रही है.

जीएसटी से हुई कमाई का आधा हिस्सा केंद्र और बाकी राज्यों को जाता है जबकि सेस से हुई कमाई के जरिए उन राज्यों के मुआवजा दिया जाता है, जहां जीएसटी लागू होन के बाद कमाई घट गयी है.

वैसे तो मंत्रालय ने कमाई में गिरावट की वजह का जिक्र नही किया है, लेकिन नवंबर के महीन में दो सौ से भी ज्यादा सामान पर जीएसटी की दरें कम की गयी. सबसे ज्यादा कमी 28 फीसदी के दायरे में आने वाले सामानों पर हुई जहां 178 सामान पर दरें कम हुई. सभी रेस्त्रां पर जीएसटी की दर 5 फीसदी कर दी गयी. इन्ही कारणों से लगता है कि सरकार की कमाई घटी और इसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. अब सरकार की नजर ऐसे व्यापारियों पर है जिन्होंने जीएसटी के तहत पंजीकरण तो करा रखा है, लेकिन रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं. ऐसे कारोबारियों, व्यापारियों पर कार्रवाई के आसार हैं.

जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक

काउंसिल की अगली बैठक 18 जनवरी को दिल्ली में बुलायी गयी है. उम्मीद है कि इस बैठक में जीएसटी से घट रही कमाई को लेकर चर्चा की जाएगी. साथ ही इस गिरावट के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के लिए कदम उठाने के सुझावों पर बातचीत होगी. जीएसटी काउंसिल केंद्र और राज्यों की मिली जुली संस्था है जो जीएसटी के दर, नियम वगैरह पर फैसला करती है.