मोदी ने देश को गुलाम बनाने के रास्ते खोले, दिल्ली में होगी आज़ादी की दूसरी लड़ाई

मोदी ने देश को गुलाम बनाने के रास्ते खोले, दिल्ली में होगी आज़ादी की दूसरी लड़ाई

नई दिल्ली : नया साल मोदी सरकार के लिए चुनौती वाला रहने वाला है. समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने आज़ादी की दूसरी लड़ाई के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं और 23 मार्च को दिल्ली में पहले से भी बड़ा आंदोलन होने जा रहा है. अन्ना हज़ारे मोदी सरकार से नाराज़ हैं. उन्होंने कहा कि पहले कोई भी कंपनी राजनीतिक पार्टियों को अपने मुनाफे का 7 प्रतिशत चंदा दे सकती थी लेकिन मोदी सरकार ने उसमें परिवर्तन करके ऐसा बिल पास किया कि अब कोई भी कंपनी कितना भी चंदा राजनीतिक दलों को दे सकती है. अब उद्योगपति सरकारों को आसानी से खरीद सकते है. यानी उद्योगपति किसी भी पार्टी में इनवेस्ट कर सकते हैं और उसे अपने कारोबार की तरह चला सकते हैं. किसी प्रोडक्ट की तरह पार्टी की मार्केटिंग कर सकते हैं और किसी व्यक्ति को सुपर मॉडल की तरह नेता बनाकर बेच सकते हैं.

संभल के नगर पालिका मैदान में भाकियू (असली) के किसान सम्मेलन में पहुंचे समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 23 मार्च से दिल्ली में आंदोलन करने का एलान किया. उन्होंने लोगों को चेताया कि जो जेल जाने के लिए तैयार हो वह ही दिल्ली आए. अन्ना ने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने तथा उद्योगपतियों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया.

किसान पंचायत में कई प्रदेशों से किसान आकर शामिल हुए. अन्ना ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि इस समय में देश का भ्रमण कर रहा हूं. मेरा भ्रमण का आज पहला चरण सम्भल में समाप्त हो गया. मैं किसी से वोट मांगने के लिए नहीं आया हूं. लोगों की समस्याओं को लेकर पूरे देश में भ्रमण कर रहा हूं. उन्होंने कहा आजादी के 70 वर्ष बाद भी देश के हालात सही नहीं है. भ्रष्टाचार का बोलबाला है. लूट, डकैती, हत्या हो रही है. अपने आप को कोई भी सुरक्षित नहीं समझ रहा है. भाजपा से उम्मीद थी उसने भी हमारे साथ धोखा ही किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जब लोकसभा चुनाव का समय चल रहा था तो हमारे देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि विदेश में जो काला धन है. उसे 100 दिन के अंदर देश में लेकर आऊंगा और प्रत्येक भारतीय के खाते में 15-15 लाख रुपये दे दूंगा. तीन वर्ष से अधिक का समय हो गया है. अभी तक पंद्रह रुपये भी नहीं आए है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि न खाने दूंगा न खाऊंगा लेकिन अब तो वह भी उद्योगपतियों को जमकर खिला रहे हैं. यह सरकार गरीब, मजदूर, किसान की नहीं बल्कि उद्योगपतियों की हो गई है. उन्होंने कहा कि खाते में पंद्रह हजार रुपये है और एक मंदिर रहता हूं. साथ में मात्र सोने के लिए एक विस्तर ही रखता हूं. शादी तो करी ही नहीं. अब ऐसे में मुझे करना ही क्या है. देश के लिए जीना है और आंदोलन करते हुए देश के लिए ही मर जाना. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कहा था कि सत्ता में आते ही लोकपाल बिल पारित कर दिया जाएगा लेकिन यह सरकार तो कांग्रेस से भी ज्यादा खतरनाक निकली. यह लोग तो करते कुछ है और कहते कुछ है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिस तरह काम कर रहे हैं. उससे लोकतंत्र को बहुत खतरा है.

अन्ना ने कहा कि जब कोई सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति रिटायर्ड हो जाता है तो सरकार उसे पेंशन देती है. जबकि किसान भी 60 वर्ष की उम्र तक ही खेती कर सकता था. ऐसे में 60 वर्ष की आयु पार कर चुके किसानों को भी हर माह पांच हजार रुपये पेंशन मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मैंने एक पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा है. जिसमें मैंने कहा कि किसानों को पेंशन, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करना और देश के सभी किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए. अगर मेरी यह मांग पूरी नहीं होती तो 23 मार्च से मुझे आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा.

आजादी के समय हजारों लोगों ने देश के लिए कुर्बानी दी और आज हमें आजादी के बाद क्या मिला. वहीं लूट, किसानों की आत्म हत्या जैसे गंभीर समस्या. अब और पहले में कोई फर्क नहीं है. उन्होंने कहा कि जब लोकपाल बिल के लिए आंदोलन हो रहा तो मुझे जेल में डाल दिया था. बाद में मुझे कही दूर लेकर जाने की प्लान बना लिया. जिससे आंदोलन खत्म हो जाए. मैंने भी कह दिया कि मैं भी जेल से नहीं जाऊंगा. इसलिए जो जेल जाने के लिए तैयार हो वह दिल्ली आ जाए. क्योंकि जेल भरों आंदोलन से ही सरकार सबसे जल्दी मांग पूरी करती है और वैसे भी जेल जाने में दिक्कत क्या है

भारतीय किसान यूनियन असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल ¨सह ने कहा कि प्रदेश में चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि था सरकार बनते ही किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. लेकिन जब सरकार बनी तो पहले कह दिया कि किसानों का एक-एक लाख रुपये का कर्ज माफ होगा. उसके बाद इतने नियम बना दिए कि कुछ ही किसानों का कर्ज माफ हो सका. उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर तो किसानों के 30 पैसे तक का कर्ज माफ हुआ है. जिस देश प्रधानमंत्री इतना झूठा हैं वह कैसे तरक्की कर सकता है. उन्होंने कहा कि जब जवान शहीद होते है तो उनकी कोई बात नहीं करता. क्योंकि वह किसान के बेटे होते है लेकिन जब एक खिलाड़ी इटली में जाकर शादी करता है तो उसकी बात पूरा देश करता है. पंचायत में अक्षय कुमार, कुलदीप कुमार, महक ¨सह, आसिक रजा, हुकम ¨सह, दीपक शर्मा, संजीव गांधी, राजपाल यादव, समरपाल ¨सह, महावीर ¨सह, खिलेंद्र ¨सह आदि मौजूद रहे.