दिल्ली में जानबूझकर प्रदूषण फैला रही है एमसीडी? ये कुछ उदाहरण देखिए

नई दिल्ली: दिल्ली का दम घुट रहा है लेकिन दिल्ली की एमसीडी लोगों की ज़िदंगी से छेड़छाड़ करने से बाज़ नहीं आ रही. प्रदूषण पर रोक के आदेश के बावजूद एमसीडी ने शाहीनबाग इलाके में पूरे 8 घंटे तक दम घोंटू माहौल पैदा कर दिया. दिल्ली में प्रदूषण के लिए जो आपात कदम उठाए गए हैं उसमें अतिक्रमण तोड़ने पर रोक भी शामिल है. इसके बावजूद शाहीन बाग इलाके में एमसीडी के दस्ते ने विस्फोटकों के ज़रिए 5 मंज़िला इमारत गिराई. दिल्ली में ऑड ईवन की तकलीफ लोग झेलने जा रहे हैं जबकि 80 फीसदी प्रदूषण धूल और निर्माण के कारण होता है.

विस्फोट इतना जबरदस्त और धूल पैदा करने वाला था कि महज़ 15 सेकंड में पांच मंजिला इमारत धूल बन गई. लेकिन पांच मंजिला बिल्डिंग का मलबा आसपड़ोस के लोगों के लिए मुसीबत बन गया. इतना ही नहीं इमारत से जो धूल पैदा हुई उसने इलाके के लोगों का 8 घंटे तक सांस लेना दूभर कर दिया.  नन फानन में एमसीडी द्वारा बिल्डिंग गिराने की वजह से लोगों को सामान निकालने तक का मौका नही मिला. गनीमत ये रही कि इस हादसे में किसी की जान नही गई लेकिन लाखों का नुकसान जरूर हो गया.

सिर्फ इतना ही नहीं दिल्ली में भयानक प्रदूषण होने के बावजूद एमसीडी सड़कों की झाड़ू से सफाई बंद नहीं कर रही है. इससे रातभर में सड़क पर बैठी धूल फिर से वातावरण  में आ जाती है.

इसी तरह दिल्ली में एमसीडी जहां चाहे कूड़ा जला रही है.कल मधु विहार में पूरा खत्ता जला दिया गया. जनरेटरों पर रोक भी बे असर साबित हो रही है. दिल्ली में जमकर डीजल जनरेटर चल रहे हैं और सरकार कुछ कर नहीं पा रही.

सिर्फ एमसीडी ही नहीं दिल्ली पुलिस भी इस कानून को लेकर लापरवाह है . दिल्ली में घुसने वाले डीजल ट्रक भी बेरोकटोक चल रहे हैं. पुलिस उन्हें रोक नहीं रही.

आपको याद दिलाना ज़रूरी है कि जब दिल्ली में पहला ऑड ईवन हुआ तो गाज़ी पुर और भलस्वा के कूड़े के ढेर मे बड़ी आग लगी, कहा गया कि ऑड ईवन को असफल बनाने के लिए कूड़ा जलाया गया. जब सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर रोक लगाई तो भी गाज़ीपुर के कूड़े में बड़ी आग लगी.

बस थोड़ा इंतज़ार..

ताज़ा खबरे सबसे पहले पाने के लिए सब्सक्राइब करें

KNockingNews की नयी खबरें सबसे पहले पाने के लिए मुफ्त सब्सक्राइब करें