मोदी जी के चक्कर में ऑनलाइन हो रहे हैं तो रहें सावधान, 6 मंत्र करेंगे रक्षा

मोदी जी के चक्कर में ऑनलाइन हो रहे हैं तो रहें सावधान, 6 मंत्र करेंगे रक्षा




नई दिल्ली : केन्द्र सरकार का पूरा जोर अब कैशलेस ट्रांजेक्शन पर है. सरकार चाहती है कि लोग अब नोट और चेक की जगह ऑनलाइन लेनदेन करें. वो इसके लिए दबाव भी बना रही है. जब सरकार दबाव बनाए तो कौन बच सकता है. जाहिर बात है आपको ऑनलाइन लेनदेन करने ही पड़ेंगे. यही कारण है कि काफी लोग अब कैशलेस हो रहे हैं. कैशलेस के कुछ खतरे भी हैं. कुछ खास बातें हैं जो ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय ध्यान में रखनी चाहिए.

  1. सार्वजनिक यानि खतरा.

चाहें सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहे हों, या किसी अन्य नेटवर्क का.. या फिर किसी साइबर कैफे का इस्तेमाल कर रहे हों.. कोई भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किसी भी सार्वजनिक नेटवर्क से करना खतरनाक हो सकता है.

  1. अपना घर ही है सुरक्षित..

कोई भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय ये ध्यान रखें कि अपना घर की सबसे ज्यादा सुरक्षित है और अपने कम्प्यूटर के अलावा, किसी और के कम्प्यूटर से भी करना खतरनाक है. अपने सिस्टम में भी रजिस्टर्ड एंटी वायरस और फाइरवॉल का इस्तेमाल करें.

  1. पासवर्ड ही बचाएगा पैसा.

अगर कभी किसी ऑनलाइन अकाउंट के लिए पासवर्ड चुनना हो तो वो अपने से जुड़ा हुआ नहीं चुनना चाहिए. न ही जन्म तिथी, न ही नाम, न फोन नंबर, न ही एनिवर्सरी, न अपने दोस्त का नाम .. इनमें से कुछ भी पासवर्ड की तरह नहीं रखना चाहिए. साथ ही सभी अकाउंट्स का एक पासवर्ड नहीं रखना चाहिए. साथ ही न तो अपना यूजरनेम और न ही पासवर्ड किसी से शेयर करें.

  1. ईमेल या मैसेज का रखें ध्यान.

अगर किसी ईमेल या टेक्स्ट मैसेज पर फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन देने की बात कही गई है तो उसे ध्यान से देखें. कभी भी SEBI, RBI, या कोई भी सरकारी बॉडी आपसे इस तरह जानकारी नहीं मांगेगी. इस तरह के किसी ईमेल या मैसेज का न तो रिप्लाई करें और न ही उन्हें क्लिक करें.

  1. SSL लिंक या HTTPS का ध्यान रखें.

ये बात हर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर लागू होती है. सिर्फ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर ही नहीं अगर कोई सोशल मीडिया अकाउंट पर भी HTTPS जरूर देख लें. ये सिक्योर सॉकेट लेयर है और ये बहुत जरूरी है. S का मतलब सीधा सा है कि जिस साइट पर आप जा रहे हैं वो सिक्योर है.

  1. बैंक को बताएं.

अगर कोई बैंक ट्रांजैक्शन गलत हो गया है या कोई फ्रॉड हो गया है तो सबसे पहले बैंक को बताएं. अगर देर हो गई तो बैंक वाले इसे मानेंगे नहीं.