पद्मावती पर पागलपन जारी, सोशल मीडिया पर हर दूसरा शख्स बना रिसर्चर

पद्मावती पर पागलपन जारी, सोशल मीडिया पर हर दूसरा शख्स बना रिसर्चर

नई दिल्ली: पद्मावती केस में जैसे जैसे विवाद बढ़ रहे हैं वैसे वैसे नये नये रिसर्च और खोज सामने आ रही हैं. मामला धीरे धीरे राजपूत और बीजेपी बनाम बाकी इंडिया बनने लगा है. हालात ये हैं कि श्रेय की लड़ाई में मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह 100 फुट ऊंचे उछल पड़े उन्होंने सीधे पद्मावती को राष्ट्रमाता करार दिया. पता नहीं राष्ट्र पिता महात्मा गांधी इस पर क्या सोचते होंगे लेकिन इस चकल्स के बीच कई गंभीर मैसेज वायरल हो रहे हैं. वाट्सएप पर अपने संदेश में वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र मालव लिखते हैं..

अकबर को छ राजपूत राजाओं ने अपनी कन्या भेट की !सबसे पहले आमेर के राजा भारमल ने अपनी बेटी जोधा, उसके बाद बीकानेर के राय कल्याण सिंह ने अपनी भतीजी, फिर जोधपुर के मालदेव ने अपनी बेटी रुक्मावती, उसके बाद नगरकोट के राजा जयचंद ने अपनी बेटी, फिर डूंगरपुर के रावल ने भी अपनी बेटी अकबर को भेट दी, उसके बाद मोरता का केशवदास क्यों पीछे रहता उसने भी अपनी बेटी को अकबर के हरम मे भिजवा दिया !

 

अब अकबर की पहले नम्बर वाली बीबी के बेटा हुआ जिसका नाम था जहांगीर !

जहांगीर के बाप के लिए राजपूतों ने जैसी दरियादिली दिखायी वैसी हि उसके बेटे के लिए भी दिखायी

जहांगीर को भी सबसे पहले आमेर के राजा भगवंत दास ने अपनी बेटी भेट की, उसके बाद जोधपुर का राजा, मोटा राजा भी अपनी बेटी को भेट कर आया, फिर वापिस आमेर का राजा जगत सिंह भी अपनी बेटी को लेकर पहुँच गया उसके बाद ओरछा का राजा रामचंद्र बुंदेला भी अपनी बेटी को जहांगीर के पास छोड़ आया !

 

अब असल सवाल ये की –

जहांगीर की पहली बीबी उसकी माँ जोधा की भतीजी थी तो जहांगीर की पहले नम्बर वाली बीबी ने जोधा को बुआ कहा होगा या सासूमाँ ? और जहांगीर की दूसरी बीबी जोधा के भतीजे की बेटी थी यानी जहांगीर के पहले नम्बर के साले की बेटी तो उसने जहांगीर की पहली बीबी यानी अपनी बुआ को दीदी कहा होगा या बुआ हि बोला होगा ? और जहांगीर के साले का बेटा जहांगीर को फूफा बोलता रहा या फिर फूफा को अपनी बहन भेट करने के बाद रिश्ता बदल लिया ! और जहांगीर ने जोधा के भाई को मामा कहा होगा या मामा की बेटी से शादी करने के बाद ससुर बोला होगा ?

एक और वाट्सएप मैसेज है …

सप्रसंग व्याख्या करे ? फिर चाहो तो पदमिनी के सम्मान की लड़ाई लड़ लेना बे अकबर के भतीजों

राजपूतों को अरबों ने हराया,तुर्कों ने हराया,गुलाम वंश ने हराया, खिलजियों और तुगलकों ने हराया, लोदियों और मुगलों ने हराया,अफगानों ने हराया,अंग्रेजों ने हराया,पुर्तगालियों ने हराया यहाँ तक कि मराठों ने भी हराया।  इनकी सारी वीरता केवल शूद्रों पर अत्याचार करने में ही थी।

उधर पद्मावती का इतिहास भी लगातार चर्चा में है. विद्वान चीख चीख कर कह रहे हैं कि पद्मावती कुछ और नहीं एक कवि की कल्पना है. कवि का नाम मलिक मोहम्मद जायसी था यानी एक मुस्लिम सूफी कवि ने पद्मावत नाम का का महाकाव्य लिखा इसमें चित्तौड़ को लेकर साहित्य रचा गया. जायसी की ये रचना ही पद्ममावती की उत्पति का कारण है. यानी पद्मावती इतिहास में नहीं थीं और एक साहित्य की कल्पना हैं जैसे स्पाइडर मैन और सुपरमैन या बेताल या फिर कोई और.

बहरहाल राष्ट्रमाता वाले बयान से विवाद जारी है और पद्मावती पर अब तब तक विवाद में रहेगी जब तक गुजरात में चुनाव नहीं निपट जाते.

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