NTPC बॉयलर हादसे में मरने वाले 20 से ज्यादा, मोदी ने दिया ये बयान, तस्वीरें देखें

रायबरेली : उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एनटीपीसी का बॉयलर फटने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है. इस घटना में 100 से भी अधिक लोग घायल हुए हैं. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने एनटीपीसी हादसे को लेकर कहा है कि घायलों की मदद के लिए 50 से भी अधिक एंबुलेंस को काम पर लगा दिया गया है. उन्होंने कहा कि लखनऊ के सभी बड़े अस्पतालों में हम इन घायलों के इलाज की व्यवस्था कर रहे हैं. इस घटना पर एनटीपीसी ने कहा है कि मैनेजमेंट की तरफ से इस मामले की छानबीन की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर यह दुर्घटना किन कारणों से हुई है.

पीएम ने की जल्दी स्वस्थ होने की कामना इस हादसे को लेकर पीएम मोदी ने भी ट्वीट करते हुए दुख जताया है. पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा है कि रायबरेली के एनटीपीसी प्लांट में हुए भीषण हादसे मुझे बेहद दुख हुआ है. उन्होंने इस हादसे के सभी पीड़ित परिवारों के लिए संवेदना भी व्यक्ति की है और साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि इस घटना की अच्छे से निगरानी की जा रही है और अधिकारी कोशिश कर रहे हैं कि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो जाए.

जिस तरह का यह हादसा हुआ है उसे देखते हुए मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है. शुरुआती राहत बचाव कार्य में सिर्फ उन लोगों को निकाला गया है, जिनकी सांसें अभी चल रही हैं. इसलिए जिन लोगों की दम घुटने से मौत हो चुकी है उन्हें बाद में निकाला जाएगा और मृतकों की असली संख्या का भी तब भी पता चलेगा.

ऊंचाहार एनटीपीसी की इस दुर्घटना ने एक बार फिर इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट की तरफ ध्यान खींचा है. भारत और दुनिया में यह पहला मौका नहीं है, जब इस तरह का हादसा हुआ हो. भोपाल गैस कांड से लेकर फुकुशिमा और चर्नोबिल तक ऐसे कई इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट हो चुके हैं. देश-दुनिया के कुछ बड़े इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट के बारे में भी चर्चा करेंगे. पहले समझते हैं असल में ऊंचाहार में हुआ क्या?

ऊंचाहार एनटीपीसी में क्या हुआ

ऊंचाहार एनटीपीसी की छठी यूनिट में एक बॉयलर फटने से यह दुर्घटना हुई. बता दें कि इस यूनिट की क्षमता 500 मेगावाट की है. इस हादसे में 100 से ज्यादा लोगों के झुलसने की खबर है. घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए तुरंत वहां 50 एंबुलेंस को तैनात कर दिया गया. जिले के तमाम अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और डॉक्टरों को आपात सेवा में बुलाया गया है. इसके अलावा राज्य की राजधानी लखनऊ में भी 50 बेड रिजर्व किए गए हैं. इस हादसे में एनटीपीसी के एजीएम रैंक के तीन अधिकारी भी घायल हैं. एजीएम प्रभात कुमार, एजीएम मिश्रीलाल और एजीएम संजीव सक्सेना को भी लखनऊ रेफर किया गया है.

क्या होता है बॉयलर और कैसे काम करता है

बॉयलर असल में एक ऐसा यंत्र है जिसमें भाप बनती है. यहां हीट एनर्जी से इलेक्ट्रिक एनर्जी बनाई जाती है. ज्यादातर जगहों पर बिजली पैदा करने के लिए जो टर्बाइन घूमती है वह स्टीम यानी भाप से ही घूमती है. यहां पानी गर्म होकर भाप बनता है और उससे स्टीम टर्बाइन घूमती है और इस क्रिया से एक इलेक्ट्रिक जेनरेटर चल पड़ता है. बता दें कि फिरोज गांधी ऊंचाहार थर्मल पावर प्लांट का अधिग्रहण एनटीपीसी ने 1992 में किया था. 1994 तक एनटीपीसी ने यहां 15000 मेगावाट की क्षमता विकसित कर ली थी.

बॉयलर क्या होता है और यह कैसे काम करता है यह तो आप समझ ही गए हैं. चलिए अब जानते हैं कुछ बड़े औद्योगिक हादसों (इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट्स) के बारे में.

भोपाल गैस त्रासदी

जब भी औद्योगिक हादसों की बात होती है तो भारत में हमेशा भोपाल गैस त्रासदी का नाम सबसे ऊपर होता है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए इस इंटस्ट्रियल एक्सीडेंट को दुनिया का सबसे खतरनाक हादसा भी कहा जा सकता है.

2-3 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड पेस्टीसाइड प्लांट में गैस लीक होने से 3700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जबकि गैर आधिकारिक आंकड़ा 16000 से अधिक है. यही नहीं इस हादसे में 5 लाख से ज्यादा लोगों को मिथाइल आसोसाइनेट गैस व अन्य कैमिकल के संपर्क में आ गए थे.

बस थोड़ा इंतज़ार..

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