जानिए पनामा लीक्स में आए थे किसके नाम, खुद समझ जाएंगे जांच धीमी क्यों है

आइए जानते हैं भारत के वो कौन से नाम थे जो पनामा पेपर्स लीक मामले में सामने आए थे…

अभिनेता अमिताभ बच्चन

अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन

अभिनेता अजय देवगन

छत्तीसगढ़ सीएम के रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह

इंडियाबुल्स के समीर गहलोत

गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी

पश्चिम बंगाल से नेता शिशिर बजोरिया

दिल्ली लोकसत्ता पार्टी के पूर्व नेता अनुराग केजरीवाल

दिवंगत इकबाल मिर्ची

गड़वारे परिवार – अशोक गड़वारे, आदित्य गड़वारे और सुषमा गड़वारे

अपोलो ग्रुप के चेयरमैन ओंकार कंवर

वकील और भारत के सॉलिसिटर जनरल रह चुके हरीष साल्वे

पूर्व आटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के पुत्र व बॉम्बे हॉस्पिटल में डॉक्टर जहांगीर एस सोराबजी

इंडो रामा सिंथेटिक्स के चेयरमैन मोहन लाल लोहिया

अरबपति सायरस पूनावाला के भाई जावेरे पूनावाला

पूर्व विधायक अनिल वासुदेव सालगाउकर

अमलगमेशंस ग्रुप के चेयरमैन की दिवंगत पत्नी इंदिरा सिवासेलम और उनकी बेटी मल्लिका श्रीनिवासन

कॉटेज इंडस्ट्रीज एक्सपोजीशन (सीआईई) के फाउंडर व सीईओ अब्दुल राशिद मीर व उनकी पत्नी तबस्सुम

डीएलएफ के कुशल पाल सिंह और नौ परिवार के सदस्य

मेहरासंस ज्वैलर्स अश्वनी कुमार मेहरा और परिवार के सदस्य

वरिष्ठ पत्रकार करण थापर

इन सभी पर कथित तौर पर कर चोरी और धन को दूसरे देशों में छिपाने का आरोप है.

हालांकि बाद में अमिताभ ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका इन कंपनियों से कोई रिश्ता नहीं है. मैं खुद जानना चाहता हूं कि उन चार कंपनियों में मेरा नाम कैसा आया?

जानिए क्या है पनामा पेपर्स लीक मामला :

इंटरनेशनल कन्सॉर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) नाम के एनजीओ ने पनामा पेपर्स के नाम से यह बड़ा खुलासा किया था.

पनामा उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका को ज़मीन के रास्ते से जोड़ने वाला एक देश है.

यहां की एक क़ानूनी फर्म मोसेक फोंसेका के सर्वर को 2013 में हैक करने के बाद यह खुलासा किया गया था.

मोसेक फोंसेका एक लॉ कंपनी है

यह पैसे का मैनेजमेंट करने का काम करती है

सुरक्षित रूप से पैसा ठिकाने लगाने में मदद करती है

फर्जी कंपनी खोलकर उनके कागज़ों का हिसाब रखती है

पत्रकारों के एक समूह ने 1 करोड़ 10 लाख दस्तावेज़ों का इस मामले में खुलासा किया था

100 मीडिया ग्रुप्स के पत्रकारों को दस्तावेज दिखाए गए

70 देशों 370 रिपोर्टरों ने 8 महीनों तक इन दस्तावेजों की जांच की

इस बारे में आईसीआईजे ने उस समय कहा था कि निश्चित तौर पर हो सकता है कि यह पूरी तरह गैरकानूनी न हो, लेकिन यह इतना तो दिखाता ही है कि किस तरह इन हस्तियों द्वारा देश के कोष को टैक्स बचाकर नुकसान पहुंचाया गया.

क्यों हस्तियां रखती हैं देश से बाहर पैसा

बड़ी हस्तियां अपने निवास के देश से बाहर जो खाते रखते हैं, उनका मकसद कई तरह के वित्तीय और कानूनी लाभों को लेना होता है. ये विदेशी खाते अधिकतर ऐसे देशों में रखे जाते हैं, जिन्हें ‘टैक्स हैवेन’ माना जाता है. इन खातों का उपयोग पैसे को देश के बैंकिंग सिस्टम की नजर से बचाकर बाहर ले जाने और टैक्स अथॉरिटीज़ की नज़र से बचाकर टैक्स सेविंग के लिए किया जाता है.

भारत में पनामा जांच की क्या है स्थिति

पनामा पेपर्स लीक में करीब 500 भारतीयों का नाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे लेकिन पिछले साल से अब तक इसकी रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है.

पनामा जांच समिति के मामले में पिछले साल मल्टी एजेंसी इंवेस्टीगेशन (एमएआई) का गठन किया गया था लेकिन कोई रिपोर्ट न आने पर इसी साल जनवरी में वकील मनोहर लाल शर्मा ने पनामा जांच के खुलासे के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम की मांग की थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मल्टी एजेंसी इंवेस्टीगेशन (एमएआई) द्वारा सौंपी गईं सभी छह रिपोर्ट सौंपने को कहा था.










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