पब्लिक ने बीजेपी पार्षद को पेड़ से बांधकर धुना, गालियां दी अलग से, गरीबों के घर तोड़ने गए थे नेताजी

पब्लिक ने बीजेपी पार्षद को पेड़ से बांधकर धुना, गालियां दी अलग से, गरीबों के घर तोड़ने गए थे नेताजी

नई दिल्ली : ये गैरकानूनी है. हिंसा किसी भी हालत में ठीक नहीं है लेकिन वडोदरा में पब्लिक ने एक पार्षद के साथ जो किया वो भारत के लोग ज़रूर अच्छा कदम बताएंगे. दर असल वडोदरा में बीजेपी के एक पार्षद की मंगलवार सुबह भीड़ ने बुरी गत की. पार्षद हसमुख पटेल की पेड़ से बांध कर पिटाई की गई. गालियां दी अलग से. दरअसल, वडोदरा के बापोद इलाके में झुग्गी झोपड़ी बस्ती में अतिक्रमण हटाने की मुहिम को लेकर लोगों में गुस्सा था. यहां के लोगों का कहना है कि जब तक उनका पुनर्वास नहीं किया जाता और उनके रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, उन्हें कैसे हटाया जा सकता है जबकि दीवाली सिर पर है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्होंने इस बारे में कई बार स्थानीय बीजेपी पार्षद हसमुख पटेल को अपनी समस्या बताई थी लेकिन वो उन्हें राहत दिलाने के लिए कुछ नहीं कर रहे थे. पटेल मंगलवार सुबह मौके पर मुआयने के लिए गए तो फंस गए. पटेल को पेड़ से बांधकर पीटा गया. बता दें कि पटेल का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है. स्थानीय लोग उन पर निष्क्रियता का आरोप भी लगाते रहे हैं.

पटेल की पिटाई करने को लेकर स्थानीय लोगों ने पहले पटेल पर हमला करने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि पटेल ने पहले महिलाओं पर हाथ उठाया, इसलिए उनकी पिटाई की गई. वहीं पटेल ने इस आरोप का खंडन किया. पटेल का कहना है कि इतने लोगों के सामने वो कैसे किसी पर हाथ उठा सकते थे. पटेल के मुताबिक 10-15 लोग उन्हें घेर कर तालाब के पास ले गए. फिर वहां 100 से ज्यादा लोगों की भीड जुट गई. पटेल का कहना है कि उन्हें महिलाओं से भी पिटवाया गया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके साथ में रहने वालों को तो जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (JNNURM)  के तहत पक्के आवास उपलब्ध करा दिए गए लेकिन उनके पुनर्वास के बारे में कोई सुध नहीं ले रहा. बता दें कि जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन में तय नियमों और दिशानिर्देशों के अऩुसार ही झुग्गी झोपड़ियों वालों को आवास उपलब्ध कराए जाते हैं. इसके लिए ये शर्त भी होती है कि एक निर्धारित वर्ष से पहले से वो वहां रह रहे हों.

पटेल की पिटाई करने वालों में शामिल कुछ लोगों ने खुद को भीलिस्तान लायन सेना से जुड़ा बताया है. इस संगठन का नेतृत्व छोटू वसावा के हाथ में बताया जाता है. छोटू वसावा का जुड़ावा जेडीयू (शरद यादव गुट) से है. भीलिस्तान लायन सेना आदिवासियों के हितों के लिए खुद को समर्पित बताती है और आदिवासियों के लिए अलग प्रांत की मांग पर जोर देती है.

पटेल की पिटाई की घटना जिस क्षेत्र में हुई वहां भालिस्तान लायन सेना के झंडे भी मिले. बताया जा रहा है कि भालिस्तान लायन सेना की ओर से सोमवार को वडोदरा के सर्किट हाउस में मीटिंग रखी गई थी जहां संगठन का नाम भालिस्तान टाइगर सेना से बदल कर भालिस्तान लायन सेना कर दिया गया.