भारतीय ‘जासूस’ के लिए जान पर खेल गई ये पाकिस्तानी पत्रकार

भारतीय ‘जासूस’ के लिए जान पर खेल गई ये पाकिस्तानी पत्रकार




नई दिल्ली :  भारत के पत्रकार पाकिस्तानी पत्रकारों का कभी मुकाबला नहीं कर सकते. पाकिस्तानी पत्रकार सच सामने लाने के लिए अपनी ही सरकार को भी नहीं छोड़ते भले ही मामला भारत जैसे परंपरागत शत्रु जैसा क्यों न हो. पाकिस्तान की जासूसी एजेंसियों ने मुंबई के एक एमबीए लड़के को पाकिस्तान के एक लड़की के अकाउंट से फंसाया गया उसे मनोवैज्ञानिक रूप से पाकिस्तान की लड़की ले लिए इतना पागल बना दिया गया कि वो उससे मिलने चल पड़ा. पाकिस्तानी एजेंसियों ने इसके बाद हामिद अंसारी नाम के इस 27 साल को लड़के को अपने कब्ज़े में ले लिया. आरोप लगाया जासूसी का.

पाकिस्तानी महिला पत्रकार जीनत ने फैसला लिया कि वो आईएसआई की इस साजिश का भंडाफोड़ करेगी. इसके बाद जीनत नाम की इस लड़की का भी कथित रूप से अपहरण हो गया.  अब इस लड़की को उनको रिहा करा लिया गया है. इस बीच जीनत के भाई की संदेहास्पद आत्महत्या भी हुई.ये भाई जीनत, के बेहद करीब था.

‘डेली नई खबर’ और ‘मेट्रो न्यूज टीवी चैनल’ की पत्रकार जीनत शहजादी 19 अगस्त 2015 को लापता हो गई थी. घर से दफ्तर जाते समय कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया था. ऐसा माना जा रहा है कि जीनत (26) को ‘जबरन गायब’ किया गया था. जीनत अपहरण से पहले भारतीय नागरिक हामिद अंसारी के मामले पर काम कर रही थी. अंसारी 2012 नवंबर को लापता हो गया था. ऐसे में हम आपको बताते हैं जीनत से जुड़ी अहम बातें.

जीनत स्थानीय चैनल के लिए फ्रीलांसिंग कर रही थी और वह अपने आपको मानव अधिकार कार्यकर्ता भी बताती थीं. वह अपने परिवार में अकेले कमाने वाली थीं. जीनत ने एक ऐसे भारतीय नागरिक की मदद के लिए अपने जान जोखिम में डाल दी थी, जिससे वह पहले कभी मिली भी नहीं थी. वह शख्स था मुंबई का रहने वाला आमिद अंसारी. हामिद को साल 2012 में गैरकानूनी रूप से अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान की सीमा में घुसने पर गिरफ्तार कर लिया गया था. ऑनलाइन एक लड़की से पहचान होने के बाद वह उससे मिलने पाकिस्तान गया था. हामिद अंसारी ने 5 नंवबर 2012 को काबुल के लिए उड़ान भरी थी, उसने अपने घर वालों को बताया था कि वह नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जा रहा है. एमबीए डिग्री धारक हामिद उस वक्त 27 साल का था.

उसके पिता नेहाल अंसारी बैंक कर्मचारी और मां फौजिया अंसारी एक टीचर थीं. उसके पांच दिन बाद उसने अपने घर पर बात की थी, लेकिन उसके बाद उसका घरवालों से कोई संपर्क नहीं था. इसके बाद घरवालों ने हामिद का लेटपटॉप खंगाला तो पाया कि हामिद की एक पाकिस्तान लड़की के साथ दोस्ती है और वह उसे जबरन शादी के चंगुल से बचाने के लिए उसकी मदद कर रहा है.

बताया जा रहा है कि हामिद अंसारी मामले में जीनत को कुछ दिन बाद ‘कमिशन ऑफ इन्क्वायरी ऑफ इन्फोर्स्ड डिसअपीयरेंस’ के सामने बयान देना था. जीनत दो साल तक लापता रहीं, उनका कोई पता नहीं चल पाया. इस दौरान पिछले साल उनके छोटे भाई ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि जीनत का छोटा भाई, उसके बहुत नजदीक था. रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने पहले भी जीनत को अपनी हिरासत में लिया था और उससे चार घंटे तक हामिद अंसारी के बारे में पूछताछ की थी.

शहजादी के दूसरे भाई लतीफ ने पीटीआई से बात करते हुए बताया था, ‘जीनत को अज्ञात लोगों से धमकियां मिल रही थीं कि तुम उसका केस ना लड़ो. हम लोगों ने भी कहा था कि अपनी जिंदगी खतरे में ना डालों. लेकिन उसका कहना था कि वह इंसानियत के नाते अंसारी के परिवार की मदद करना चाहती है.’