अब तो इमरजेंसी की हदें भी टूट गईं, मोदी के खिलाफ पोस्टर लगाने पर गिरफ्तारियां,

अब तो इमरजेंसी की हदें भी टूट गईं, मोदी के खिलाफ पोस्टर लगाने पर गिरफ्तारियां,




नई दिल्ली : लोग आए दिन देश में अघोषित इमरजेंसी की चर्चा करते रहते हैं. लकिन अब जो हो रहा है वो तो इमरजेंसी में भी नहीं हुआ.उत्तर प्रदेश में कानपुर पुलिस ने 23 व्यापारियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने के कारण बकायदा केस दर्ज कर लिया गया है. इन व्यापारियों ने मोदी के खिलाफ बैनर और होर्डिंग्स पूरे कानपुर शहर में लगाए हैं. बैंक द्वारा 10 के सिक्के जमा न करने के आरोप में व्यापारियों ने अपना विरोध जताने के लिए इन पोस्टर को 12 अक्टूबर को लगाया था.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार इन होर्डिंग्स में एक साइड तानाशाह किम की फोटो लगी है जिसके कैप्शन में लिखा है “मैं दुनिया को मिटा कर दम लूंगा”. दूसरी साइड पीएम मोदी की फोटो लगाई गई है जिसके कैप्शन में लिखा है “मैं व्यापार को मिटा कर दम लूंगा.”

इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और यूपी स्पेशल पावर एक्ट के तहत व्यापारियों पर केस दर्ज किया. पुलिस ने इस मामले में एक गिरफ्तारी भी की है और उच्च अधिकारियों का कहना है जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम प्रवीण कुमार है जो कि शारदा नगर का रहने वाला है. सुप्रींटेंडेंट ऑफ पुलिस अशोक वर्मा ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की. प्रवीण कुमार को नरेंद्र मोदी की तुलना किम से करने वाले होर्डिंग्स लगाते हुए गिरफ्तार किया गया था.

वहीं पुलिस द्वारा व्यापारियों पर कार्यवाही किए जाने का विरोध अन्य व्यापारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि व्यापारियों पर दर्ज किए गए केस के विरोध में वे इस साल दीवाली नहीं मनाएंगे. सूत्रों के मुताबिक बैंक और दुकानदार 10 रुपए के सिक्के नहीं ले रहे हैं, जिसके कारण व्यापारियों को मजबूरन अपने कर्मचारियों को सिक्कों में सैलरी देनी पड़ रही हैं.

व्यापारियों का आरोप है कि बजाए पूरी राशि देने के बैंक सिक्कों का 25 प्रतिशत काटकर उन्हें नोट देने की बात कर रहा है. व्यापारियों को कहना है कि बैंक अधिकारियों और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से भी इस गंभीर विषय पर चर्चा की गई थी लेकिन जब कहीं से कोई समाधान नहीं निकला तो हमें मजबूरी में राज्य सरकार और केंद्र सरकार का ध्यान इस समस्या पर केंद्रित करने के लिए इस प्रकार के पोस्टर और होर्डिंग्स लगाने पड़े.