देश के हुक्मरान उद्योगपतियों के कदमों में बिछे हैं, ये है एक और सबूत

देश के हुक्मरान उद्योगपतियों के कदमों में बिछे हैं, ये है एक और सबूत




नई दिल्ली : हमने ये खबर खालिस सचाई के नज़रिए ले लिखी है. सच कड़वा होता है. आखिर एक बार फिर साबित हो गया है कि भारत सरकार अमीर उद्योंगपतियों के कदमों में सारा जहां बिछाने को तैयार है. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में व्यापार में सुगमता के मामले में भारत ने लंबी छलांग लगाई है. यानी यहां पैसा लगाना और व्यापार करना उद्योगपतियों के लिए और आसान हो गया है. मतलब ये कि राशन कार्ड आसानी से मिले ने मिले, कंपनी खोलना आसान ज़रूर हो गया है.

‘ईज आॅफ डूइंग बिजनेस’ इंडेक्स में भारत ने 30 स्थानों की छलांग लगाते हुए 100वें नंबर पर पहुंच गया है. पिछले साल भारत 130वें स्थान पर रहा था. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. गौरतलब है कि विश्व बैंक हर साल यह सूची जारी करता है, इस सूची में कुल 159 देश शामिल हैं.  अगर भारत ऊपर से सौवें नंबर पर है तो नीचे से 59वें नंबर पर.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने कारोबार शुरू करने, निर्माण कार्य के लिए परमिट लेना और दिवालिएपन के निपटारे के मामले में अच्छा काम किया है. इस रिपोर्ट में हाल के कानून ने बड़ी भूमिका निभाई है जिसमें कंपनी को दिवालिया घोषित करके निकल जाना बेहद आसान हो गया है. इस कानून के बाद ही कई बिल्डरों के दीवालिया होने की शुरुआत हुई थी.

कंपनी को बंद करके निकल जाना ही नहीं और कर्मचारियों को जब चाहे निकाल देना भी आसान हो गया है. यानी व्यापार जैसे चाहें करें. सरकार आपके साथ है. सरकार का मानना है कि इससे और ज्यादा विदेशी कंपनियां भारत आएंगी.

इन मामलों में उसे पिछली बार क्रमश: 155, 186 और 136 रैंक मिली थी. पिछली बार कमजोर रैंक ने भारत को बेहतर करने के लिए प्रेरित किया.

 

कितनी रैंक

2014-15    142

2015-16    131

2016-17    130

2017-18    100