बरखा दत्त ने मजबूरी में NDTV छोड़ा था. परेशान कर रहा था मैनेजमेंट !

बरखा दत्त ने मजबूरी में NDTV छोड़ा था. परेशान कर रहा था मैनेजमेंट !




नई दिल्ली: वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त ने एक बार एनडीटीवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एनडीटीवी में करीब दो दशकों तक काम कर चुकी बरखा दत्त ने कहा कि चैनल के मालिकों और प्रबंधन ने ऐसे हालात बना दिए थे कि उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी. बरखा दत्त ने आरोप लगाया है कि एनडीटीवी ने पहले पहल नेशनल हेरल्ड पर की गई खबर को रोक दिया था. बरखा दत्त ने आरोप लगाया कि एनडीटवी ने तसलीमा नसरीन के इंटरव्यू से कुछ पंक्तियां हटाने के लिए उन्हें मजबूर किया था.

बरखा दत्त ने कहा है कि वो लगातार ईमेल लिखकर और मौखिक तौर पर एनडीटीवी के अंदर इन मु्द्दों पर आवाज उठाती रही थीं और उन्हें इसी वजह से चैनल में किनारे किया जा रहा था. बरखा दत्त ने राडिया टेप में उनका नाम आने पर भी अपना पक्ष रखा है. बरखा ने लिखा है कि वो इस मुद्दे पर कई बार सफाई दे चुकी हैं और वो एक घंटे के टीवी शो में इस मुद्दे पर सभी सवालों का जवाब दे चुकी हैं. बरखा ने लिखा है कि उन्हें एनडीटीवी के 400 करोड़ के लोन की बात मीडिया रिपोर्ट से पता चली थी.

एनडीटीवी से जुड़ा ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब चैनल के मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन ने अमित शाह के बेटे जय शाह पर उनकी और मानस प्रताप सिंह की एक रिपोर्ट को एनडीटीवी की वेबसाइट से हटाए जाने के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा. जैन ने लिखा कि एनडीटीवी प्रबंधन ने कहा है कि ये रिपोर्ट कानूनी राय लेने के लिए हटायी गयी है.

जैन ने लिखा था कि वो इस घटना को एक दुखद अपवाद मानते हुए वो फिलहाल एनडीटीवी के संग पत्रकारिता जारी रखेंगे. जैन के पोस्ट के वायरल होने के बाद पत्रकार बरखा दत्त ने उन पर तंज कसते हुए कहा कि ये कोई अपवाद नहीं है और एनडीटीवी में पहले भी ऐसा हो चुका है.

बरखा ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का उनका द्वारा इंटरव्यू एनडीटीवी पर न प्रसारित किए जाने और पत्रकार नितिन गोखले के पूर्व नौसेना प्रमुख डीके जोशी के इंटरव्यू को चैनल की वेबसाइट से हटाने का जिक्र किया था.

बरखा दत्त ने पिछले साल एनडीटीवी छोड़ा था. बरखा ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया है कि जब वो एनडीटीवी छोड़ने लगीं तो उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान की गई अपनी रिपोर्ट के फूटेज बाजार भाव से खरीदने चाहे लेकिन चैनल ने इससे इनकार कर दिया.

बरखा ने लिखा है कि उनसे नाराज होने के कारण चैनल उन्हें गैर-समाचार वाले काम में लगाना चाहता था. बरखा ने लिखा है कि वो कभी भी एनडीटीवी में प्रबंधकीय पद या अकाउंट से जुड़े पद पर नहीं रही हैं.