लड़की को थी सिर के बाल खाने की आदत, इसके बाद शुरू हुई ये मुसीबत ..

लड़की को थी सिर के बाल खाने की आदत, इसके बाद शुरू हुई ये मुसीबत ..

नई दिल्ली: सोचिए किसी को सिर के बाल खाने की आदत हो . आदत इतनी बढ़ जाए कि उसकी जान पर बन आए. ये कहानी ऐसी ही महिला की है और वो विदेश की नहीं बल्कि मुंबई की हैट उनका ऑपरेशन मुंबई के घाटकोपर में राजावाड़ी हॉस्पिटल में हुआ जहां डॉक्टरों ने उनके पेट से 750 ग्राम बड़ा बालों का गुच्छा निकाला.

पिछले कुछ महीनों से लगातार वजन घटने के बावजूद 20 साल की मीनाक्षी (बदला हुआ नाम) को एक पेट में काफी सूजन बढ़ रही थी. इस वजह से मीनाक्षी को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया. मीनाक्षी कुछ खा नहीं पा रही थीं. उसका उनका शरीर पीला पड़ गया था और हॉस्पिटल में एडमिट होने के टाइम पर मीनाक्षी का वजन 30 किलो था. डॉक्टर्स ने इलाज के दौरान जब उसका सी.टी स्कैन किया तो पाया कि मीनाक्षी के पेट में बालों का एक विशाल गुच्छा है.

मीनाक्षी एक रेयर रपुंजल सिंड्रोम से पीड़ित थीं. इस सिंड्रोम के दुनियाभर में 88 मामले सामन आ चुके हैं. मुंबई के राजावाड़ी हॉस्पिटल के सर्जरी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. भरत कामथ का कहना है कि उस गुच्छे ने उनका पूरा पेट ही भर दिया था जिससे मीनाक्षी खाने में असमर्थ थी. इतना ही नहीं, बालों का गुच्छा मीनाक्षी के इंटेस्टाइन में उलझ गया था. बालों का गुच्छा 103 cm लंबा था जो की छोटी आंत में फैला हुआ था. रपुंजल सिंड्रोम के मामले में ऐसा होना सामान्य है.

डॉक्टर्स का कहना है कि मीनाक्षी कई सालों से अपने बाल खा रही है. इस बाल खाने की आदत को ट्रिकोफेजिया कहते हैं. डॉ. भरत का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती मीनाक्षी को सर्जरी के लिए तैयार करना था. उसका हीमोग्लोबिन का काउंट बढ़ाने के लिए 3 यूनिट ब्लड चढ़ाना पड़ा. उन्हें ये सुनिश्चित करना था की उस गुच्छे को हटाते समय पेट की लाइनिंग पर कोई प्रभाव न पड़े क्योंकि ये ब्लीडिंग का कारण बन सकता था. सर्जरी न करना ज्यादा रिस्की था क्योंकि बालों के गुच्छे के कारण पेट की वॉल्स में छेद हो सकता था.

हॉस्पिटल की मेडिकल अधीक्षक डॉ. विद्या ठाकुर का कहना है कि ये बहुत ही दुर्लभ मामलों में से एक है. डॉ. भरत ने कहा कि ज्यादातर सर्जन्स के पास ऐसे मामले नहीं आते पर ये मेरा दूसरा ऐसा केस है और इस बार बालों का गुच्छा ज्यादा बड़ा था. उन्होंने ये भी बताया कि सभी डॉक्टर्स इस स्टडी को इंटरनेशनल जर्नलिस्ट्स को सबमिट करेंगे.