बीजेपी में सवाल पूछने की नहीं है इजाजत, इस बड़े नेता का खुलासा

बीजेपी में सवाल पूछने की नहीं है इजाजत, इस बड़े नेता का खुलासा

नई दिल्ली : सांसद को आप वोट देते हैं वो आपसे बड़े बड़े दावे करता है लेकिन जैसे ही वो चुना जाता है, सीधे पार्टी का सगा बन जाता है. जनता को भूलकर वो वो बातें करने लगता है जो उसके नेता कहते हैं. भारतीय जन्ता पर्टी सांसद ने इसके विपरीत खुलकर जनता की आवाज़ बुलंद की है. सांसद नाना नाना पटोले ने शुक्रवारको कहा कि मोदी जनता से जुड़े सवाल नहीं सुनते. उन्हें सवाल पूछना पसंद नहीं है .
इस सांसद ने अपने इलाके में किसानों की आत्महत्या का मामला उठाया था. पटोले का कहना है कि सवाल पूछते ही प्रधानमंत्री नाराज हो गए. नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए भंडारा-गोंदिया से सांसद, पटोले ने कहा, ”मोदी सवाल लेना पसंद नहीं करते और जब मैंने भाजपा सांसदों की बैठक में ओबीसी मंत्रालय और किसान आत्माहत्याद से जुड़े मुद्दे उठाए तो वे बेहद गुस्सां हो गए.




जब मोदी से सवाल पूछे जाते हैं, तो वह आपसे पूछते हैं कि क्यास आपने पार्टी मैनिफेस्टो पढ़ा है और विभिन्नव सरकारी योजनाओं से रूबरू हैं.” मीडिया में रिपोर्ट्स थीं कि सांसदों की बैठक में मोदी ने पटोले को जमकर सुनाया. पटोले ने कहा, ”मैंने ग्रीन टैक्सो बढ़ाने, ओबीसी मंत्रालय और खेती में और केंद्रीय निवेश जैसे कुछ सुझाव दिए थे. मोदी नाराज हो गए और मुझे चुप रहने को कह दिया. मोदी पार्टी सांसदों से नियमित तौर पर मिलते हैं, लेकिन उन्हेंा सवाल पूछे जाना पसंद नहीं है.




महाराष्ट्र के मुख्यनमंत्री देवेंद्र फणनवीस को लेकर पटोले ने कहा, ”सीएम राज्य् के लिए केंद्रीय फंड लाने में नाकाम हैं. केंद्र महाराष्ट्रं को कम पैसा देता है जबकि मुंबई देश के खजाने में सबसे ज्‍यादा योगदान देता है. मुख्यहमंत्री ने संसद सत्र से पहले मुंबई में पार्टी सांसदों की बैठक लेना भी बंद कर दिया है.” पटोले ने कहा, ”सभी केंद्रीय मंत्री हमेशा डर कर रहते हैं. इसलिए मैं मंत्री नहीं बनना चाहता, मैं हिटलिस्टप में हूं मगर मैं किसी से नहीं डरता.”

मोदी मई, 2014 में सत्ता संभालने के बाद रविवार (3 सितंबर) को तीसरी बार मंत्रिपरिषद में बदलाव करेंगे. माना जा रहा है कि इस फेरबदल में नए सहयोगी दलों से कुछ चेहरों को शामिल किया जा सकता है. मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल से पहले चार मंत्रियों राजीव प्रताप रूडी, संजीव कुमार बालियान, फग्गन सिंह कुलस्ते और महेंद्र नाथ पांडे ने अपने इस्तीफे दे दिए.