बीजेपी के लिए दिल्ली से बुरी खबर, डूसू चुनाव में एनएसयूआई की वापसी, ABVP बचा पाई सिर्फ दो सीट

बीजेपी के लिए दिल्ली से बुरी खबर, डूसू चुनाव में एनएसयूआई की वापसी, ABVP बचा पाई सिर्फ दो सीट

नई दिल्ली : डूसू चुनाव में वोटों की दोबारा गिनती के बाद नतीजे पलट गए हैं. अब तक तीनों सीटों पर NSUI जीत रही थी अब वो दो ही सीटें जीती है. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर पर एनएसयूआई जीती है.. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अंतिम नतीजों में और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर ABVP प्रत्याशी जीत गए हैं. मतदान के लिए करीब 126 EVM मशीन का इस्तेमाल हुआ था.

NSUI को डीयू में करप्शन के मुद्दे का फादा मिला है. संगठन ने डीयू के बजट की जानकारी के लिए एक आरटीआई दाखिल की थी. डूसू अथॉरिटी ने आरटीआई के जवाब में बताया था कि 26,20,000 में से 21,78,000 रुपए खर्च सिर्फ चाय, फोटोस्टेट, रिपेयर और अन्य चीजों पर किया गया था. इससे एबीवीपी की छवि करप्शन वाली बनी

डूसू के लिए मंगलवार को छात्रों ने मतदान किया था. जानकारी के मुताबिक दिल्ली यूनिवर्सिटी में करीब 43 प्रतिशत मतदान हुआ था. पिछले साल हुए चुनावों में 36 प्रतिशत मतदान हुआ था. कैंपस से दूर कॉलेज में मतदान कम हुआ है. 51 कॉलेज के छात्रों द्वारा मतदान से डूसू पैनल का चुनाव होगा.

दिल्ली हाईकोर्ट ने NSUI के उम्मीदवार रॉकी तुसीद को चुनाव लड़ने की इजाजत देते हुए विश्वविद्यालय से कहा था कि अभी अध्यक्ष पद का चुनाव परिणाम घोषित न करे. हालांकि मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू अध्यक्ष पद के परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी. डूसू अध्यक्ष पद के लिए मुख्य प्रत्याशियों में ABVP के रजत चौधरी, NSUI के रॉकी तुसीद, आईसा से पारूल चाउहा, निर्दलीय राजा चौधरी एवं अल्का हैं. पिछले साल ABVP ने तीन पद जबकि NSUI ने संयुक्त सचिव का पद जीता था. इसी जीत के साथ NSUI ने डूसू में तीन साल के बाद वापसी की थी.

2014 में 18 साल बाद ABVP ने चारों सीटें जीत ली थीं. इससे पहले 1996 में ABVP ने ऐसी ही हासिल की थी. करीब दो दशक बाद ABVP ने जीत हासिल कर NSUI के शासन का अंत किया था. इसके बाद 2015 में भी ABVP ने चारों सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार भी ABVP की नजर डूसू की चारों सीटों पर है.