नेत्रहीन बच्चों के साथ गंदी हरकतें करने वाला अंग्रेज़ दिल्ली से गिरफ्तार, बच्चों के लिए एनजीओ दिया लाखों का दान

नेत्रहीन बच्चों के साथ गंदी हरकतें करने वाला अंग्रेज़ दिल्ली से गिरफ्तार, बच्चों के लिए एनजीओ दिया लाखों का दान




नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली में एनजीओ के नाम पर ब्लाइंड बच्चों का यौन शोषण करने वाले एक अंग्रेज़ को पकड़ा गया है. ये शख्स आरके पुरम, सेक्टर-पांच के नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) के छात्रावास में तीन दृष्टिहीन बच्चों के साथ कुकर्म का आरोपी है. पिछले 9 साल में संस्था को वह लाखों रुपये दान में दे चुका है. दक्षिणी जिले के डीसीपी प्रेमनाथ के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि पीडोफिलिया बीमारी से पीड़ित आरोपी यौन कुंठा से ग्रसित है.

रविवार को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी ब्रिटिश नागरिक मरे डेनिस वार्ड (54) के खिलाफ कुकर्म व पॉक्सो की धाराओं गिरफ्तार किया. पुलिस ने सोमवार को उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है. पुलिस ने घटना की जानकारी विदेश मंत्रालय व ब्रिटिश दूतावास को दे दी है. रविवार दोपहर 12 बजे एनएबी के पदाधिकारी ने पुलिस में शिकायत की. पीड़ित बच्चों से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने आरोपी मरे डेनिस वार्ड को वसंत एंक्लेव से गिरफ्तार कर लिया.

मूलरूप से हेनली कॉटेज, ग्लूसेस्टरशायर, यूनाइटेड किंग्डम (यूके) का रहने वाला मरे डेनिस वसंत एंक्लेव में किराये के मकान में रहता था. उसकी पत्नी व तीन बच्चे यूके में ही रहते हैं. एनएबी को दान देने के कारण वह अक्सर वहां आता-जाता रहता था. 2 सितंबर को दोपहर तीन बजे वह एनएबी पहुंचा था.  वहां पहली मंजिल पर स्थित छात्रावास में तीन दृष्टिहीन बच्चों के साथ उसने कुकर्म किया. पीड़ित बच्चों की उम्र 10-13 साल के बीच है. सभी दिल्ली के ही रहने वाले हैं और पांचवीं-छठी कक्षा में पढ़ते हैं.

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था. इसी वर्ष फरवरी में लकवा की बीमारी होने के कारण उसके शरीर के कुछ अंगों ने काम करना बंद कर दिया. अस्वस्थ रहने के कारण कंपनी ने उसे अप्रैल में नौकरी से निकाल दिया था. अपनी देखरेख के लिए उसने एक केयरटेकर रखा था. पुलिस ने आरोपी के घर से उसका मोबाइल फोन और नेटबुक को जब्त किया है. पुलिस ने संस्था में लगे सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है. फुटेज में आरोपी की तस्वीर कैद है. पुलिस को शक है कि उसने पहले भी कुछ बच्चों के साथ ऐसी घटना को अंजाम दिया होगा. अभी इस मामले में एनजीओ की भूमिका पर अभी सवाल है कि क्या इसमें उसकी कोई भूमिका थी.