बच्चों की मौत के बीच योगी का बयान – ऐसा न हो कि लोग बच्चे पैदा करके छोड़ दें और सरकार पाले

बच्चों की मौत के बीच योगी का बयान – ऐसा न हो कि लोग बच्चे पैदा करके छोड़ दें और सरकार पाले




लखनऊ : नेता लोग जबतक सरकार में नहीं आते बड़ी लल्लो चप्पो करते हैं. जब सरकार में ठीक ठाक काम कर रहे होते हैं तो डींगें हांकते हैं. जैसे ही काम काबू से बाहर निकलता है सबसे पहले उसी जनता को असभ्य और अशिष्ट कहना शुरू कर देते हैं जिसने गद्दी पर बिठाया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने ऐसे ही बयान देकर सबको चौंका दिया है. गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में हो रही बच्चों की मौत के बाद पहले तो बड़ी बड़ी बातें कीं. फिर जांच का स्वांग किया अब जानते हैं क्या कहा है ? उन्होंने कहा – “‘मुझे लगता है कहीं ऐसा न हो कि लोग अपने बच्चे 2 साल के होते ही सरकार के भरोसे छोड़ दें, सरकार उनका पालन पोषण करे.’

इतना ही नहीं योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों की जिम्मेदारी को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘मीडिया कहती है कि उस जगह कूड़ा पड़ा है. हम लोग मानते हैं, सरकार कि जिम्मेदारी है, लगता है लोग सारी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए.’




योगी कहते हैं कि लोगों के अंदर सिविक सेंस नहीं है. वो सफाई करना भी नहीं चाहते हैं, हम समझते हैं कि सरकार की ज़िम्मेदारी है, नगर निगम की ज़िम्मेदारी है, ग्राम समाज की ज़िम्मेदारी है. जैसे कि हम सभी ज़िम्मेदारियों से मुक्त हो गए हों, हम लोगों ने अपनी ज़िम्मेदारी सरकार को दे दी है और मुझे तो कभी-कभी ऐसा भी लगता है कि एक समय बाद कहीं ऐसा न हो कि लोग बच्चों को 1-2 साल पालने के बाद सरकार के भरोसे न छोड़ दें कि सरकार इन बच्चों का पालन पोषण करेगी.

क्योंकि मैं देख रहा हूं कि हर प्रकार में यही स्थिति हो गयी है, लोग गाय को घर में रखेंगे, दूध बेचेंगे, लेकिन सड़क पे छोड़ देंगे कि इनको सरकार देखे. मेरे पास शिकायतें आती हैं, विधायक कहते हैं कि गांव में गोशाला खोल दें. मैंने कहा वाह दूध पिओगे तुम और घास लाने और गोबर उठाने का काम सरकार करेगी.




ये वो योगी बाबा हैं जो सरकार में आते ही बड़ी ब़ड़ी बाते कर रहे थे. उन्होंने सत्ता में आते ही जितनी घोषणाएं कीं एक भी पूरी नहीं कर पाए. भावुक भक्त उन्हें मोदी के विकल्प के तौर पर देख रहे थे. अब हाल ये है कि योगीजी खिसियाहट निकाल रहे हैं. अपने ही शहर में बच्चों की जान बचाने के लिए कुछ नहीं कर पा रहे. और जनता को दोष दे रहे हैं.

जाते जाते जान लीजिए ताजा आकंड़ों के मुताबिक पिछले 48 दिनों में 43 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है. वहीं जो आधिकारिक आंकड़ा जारी किया गया है कि उसके मुताबिक अगस्त महीने में अब तक 290 बच्चों की मौत हो चुकी है. बता दें इसी महीने की शुरूआत में बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते 60 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी. जिसके बाद योगी सरकार की काफी आलोचना हुई थी.