दिल्ली में आज से क्रांति का आगाज़, जनता का हुकुम मानेंगे अफसर, नहीं तो जुर्माना

दिल्ली में आज से क्रांति का आगाज़, जनता का हुकुम मानेंगे अफसर, नहीं तो जुर्माना




नई दिल्ली: दिल्ली में आज से एक बड़ी सरकारी क्रांति होने जा रही है. अब आप सरकारी दफ्तर में कोई भी एप्लीकेशन लगाएंगे तो उसका निपटारा एक तय वक्त में करना होगा. अगर तय वक्त में आपका काम नहीं होता तो आपको हक होगा कि आप सरकार से जुर्माना वसूल सकें. इतना ही नहीं ज़िम्मेदार अफसर पर जुर्माना भी लगेगा. दिल्ली विधानसभा में आज इस बारे में एक विधेयक पेश होगा.




इस विधेयक में करीब 14 सेवाएं पहले ही जवाब देही के तहत काम कर रही हैं. और 33 नयी सेवाओं को शामिल करने की तैयारी है. जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर ड्राइविंग लायसेंस तक और नये बिजली कनेक्शन से लेकर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने तक हर सेवा को दिल्ली सरकार आम आदमी का अधिकार बना रही है.




उदारहण के लिए अगर आपको अगर ड्राइविंग लायसेंस चाहिए तो आपको दफ्तर में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. अगर आपका काम तय वक्त पर नहीं होता. तो आप बाकायदा बनाई गई एपीलाट अथॉरिटी में जा सकते हैं.

विधेयक के बारे में बोलते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इसके बाद बाकई भारत के आम लोगों की अहमियत बढ़ जाएगी. सरकारी कर्मचारी और सरकार उनके लिए जवाब देह हो जाएगी, समय सीमा तय होने के बाद सिफारिशौं का दौर खत्म होगा. न तो लोगों को विधायक के पास जाना होगा न किसी और के पास . दफ्तर से ही बिना सिफारिश वक्त पर काम हो जाएगा. अगर अफसर काम नहीं करेगा तो उसपर जुर्माना लगेगा. उन्होंने कहा कि हर काम के लिए एप्लीकेशन ऑनलाइन देनी होगी इसका मतलब ये हैं कि सरकारी दफ्तरों में काम बिना करप्शन अपने आप होने लगेंगे.