सुप्रीम कोर्ट से तीन तलाक का केस जीतकर भी वो इनसे हार गई. अब नहीं बची है लड़ने की हिम्मत

सुप्रीम कोर्ट से तीन तलाक का केस जीतकर भी वो इनसे हार गई. अब नहीं बची है लड़ने की हिम्मत




नई दिल्ली : एक बार में दिए जाने वाले तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दे दिया है. लेकिन इसके लिए लड़ने वाली महिलाओं की जिंदगी और मुश्किल हो गई है. इशरत जहां जिन्होंने इस मामले को कोर्ट तक पहुंचाया था अब उनके सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है. तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद अब इशरत को पड़ोसियों के साथ-साथ अपने सास-ससुर के ताने भी सुनने पड़ रहे हैं. वे लोग इशरत को उल्टा सीधा बोल रहे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, जब से इशरत के हक में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है तब से उनका घर में रहना मुश्किल हो गया है. समाज के लोग मिलकर उनको सुना रहे हैं. उन्हें ‘गंदी औरत, मर्दों की दुश्मन और इस्लाम विरोधी’ कह रहे हैं. कई पड़ोसियों ने तो इशरत से बात तक करना बंद कर दिया है.




इशरत पश्चिम बंगाल में हावड़ा के पास में रहती हैं. वह वहां 2004 से रह रही हैं. जिस घर में इशरत रहती हैं वह उनके पति ने दहेज में मिले पैसों से ही खरीदा था. इशरत के पति ने 2014 में उन्हें दुबई से फोन पर तलाक दे दिया था. इशरत इस बात को लेकर काफी परेशान और हैरान हैं. उनका कहना है कि इतनी लंबी लड़ाई लड़ने के बाद उनमें परिवार और बाकी लोगों से लड़ने की हिम्मत नहीं बची है. इशरत चाहती हैं कि वह अब अपना वक्त अपने बच्चों को दें. इशरत के साथ-साथ उनकी तरफ से केस लड़ने वाली वकील नाजिया इलाही खान को भी ट्विटर पर लोगों ने उल्टा-सीधा बोला था.




सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने इंस्टैंट तीन तलाक पर फैसला सुनाया था. पांच में से दो जज तीन तलाक को पर्सनल लॉ बोर्ड का हिस्सा बताते हुए जायज ठहरा रहे थे. लेकिन तीन जज इसके खिलाफ थे. उसकी वजह से इसे असंवैधानिक करार दिया गया. छह महीने के अंदर संसद इसपर कानून बनाएगी.