राहुल गांधी से इतना डर क्यों भाई, हर बात पर हाय तौबा क्यों ?

राहुल गांधी से इतना डर क्यों भाई, हर बात पर हाय तौबा क्यों ?




नई दिल्ली: क्या विपक्षी नेताओं को ये जानने का हक नहीं कि चीन और भूटान के मामले में हकीकत क्या है? क्या विपक्ष को आंख बंद करके सरकार की आलोचना शुरू कर देनी चाहिए या भक्त बनकर सरकार का समर्थन करना चाहिए ? ये सवाल वो सवाल हैं जो राहुल गांधी के चीन के दूतावास जाने से खड़े हुए हैं. खास तौर पर तब जब इस मुलाकात पर सोशल मीडिया में हायतौबा मची है.  इस हायतौबा में गंभीर बातें गायब हो गई हैं.

आपको बता दें कि कांग्रेस कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 8 जुलाई (शनिवार) को चीनी राजदूत लू झाओहुई से मुलाकात की थी. इस मुलाकात की खबरों को सोशल मीडिया पर इस तरह पेश किया गया कि राहुल ने कोई सीक्रेट मीटिंग की हो. बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने साफ भी किया कि ये एक शिष्टाचार भेंट थी. सुरजेवाला ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘कई राजदूत कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से समय-समय पर शिष्टाचार भेंट करते रहते हैं. किसी को इस भेंट को लेकर सनसनी फैलाने की जरूरत नहीं है.’ सुरजेवाला ने कहा, ‘चाहे वह चीनी राजदूत हों या फिर भूटानी राजदूत राहुल गांधी समय-समय पर इनलोगों से मिलते रहते हैं. राहुल गांधी और विपक्ष के नेता सिक्किम में भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी से वाकिफ हैं और उन्हें राष्ट्रीय हित के बारे में जानकारी है.’

उधर खुद राहुल गांधी ने भी चीनी और भूटानी राजदूत से मिलने की पुष्टि की. राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘गंभीर मसलों पर जानकारी रखने का मुझे हक है. मैं चीनी राजदूत और भूटानी राजदूत से मिला. मैं पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन से भी मिला.’

गौरतलब है कि चीनी दूतावास की वेबसाइट पर बाकायदा जानकारी दी गई थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी चीनी राजदूत लू झाओहुई से मिले और मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बात की. इस जानकारी का स्क्रीनशॉट भी मौजूद है. हालांकि चीनी दूतावास की ओर से सिर्फ जानकारी हटाई गई है, सफाई में कुछ नहीं कहा गया है. आसानी से समझा जा सकता है कि सारी गलत फहमी चीनी दूतावास ने पैदा की. बड़ा सवाल है कि चीनी दूतावास को भारत की अंदरूनी राजनीति में क्या रुचि थी.

इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम नरेंद्र मोदी की G20 सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात पर सवाल खड़े किए थे. साथ ही राहुल गांधी ने भी हाल ही में ट्वीट पर कहा था कि पीएम मोदी चीन के मसले पर खामोश क्यों हैं. माना जा रहा है कि इस मुलाकत को उसी का बदला लेने के लिए सनसनीखेज बनाया गया. कांग्रेस के सूत्र कहते हैं कि मोदी के लिए सबसे बड़ी खतरे की घंटी राहुल गांधी हैं. जैसेही राहुल ज़रा भी हरकत में आते हैं बीजेपी घबड़ा जाती है और हंगामा मचा देती है.