मुसलमान सलीम न होता तो अमरनाथ में 8 नहीं 50 मरते, हिंदू मुस्लिम एक हैं एक रहेंगे

मुसलमान सलीम न होता तो अमरनाथ में 8 नहीं 50 मरते, हिंदू मुस्लिम एक हैं एक रहेंगे




नई दिल्ली : अमरनाथ यात्रा के बाद सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक संदेश देने वालों की बाढ़ लग गई है. राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए हिंदू मुसलमान का मसला बना रहे हैं. लेकिन अमरनाथ हादसे में मुसलमानों की भूमिका इन सांप्रदायिक ताकतों के मुंह पर तमाचा लगाने वाली हैं. भारत के लोग पहले इनसान हैं. कश्मीर में बस के ड्राइवर सलीम ने ये फिर साबित किया.

सबसे बड़ी भूमिका सलीम की रही. सलीम शेख उस बस का ड्राइवर था जो मुसाफिरों को लेकर जा रही थी. अगर सलीम न होता तो 7 नहीं बल्कि 50 से ज्यादा लोगों की जान जाती. आतंकवादी अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे. अगर सलीम फायरिंग की परवाह किए बगैर बस को पूरी रफ्तार से न दौड़ाता तो एक भी मुसाफिर का बचना मुश्किल था.
बस में सवार रहे यात्रियों ने भी ड्राइवर सलीम की सूझबूझ की तारीफ की.

घायल यात्रियों का कहना था, “ड्राइवर ने दिमाग लगाया. बस नहीं रोकी और बस दौड़ाता गया. इसने कई लोगों की जान बचा दी.”
सिर्फ बस का ड्राइवर ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों ने भी बड़ी संख्या में धर्म जाति से ऊपर उठकर घायलों की मदद की. दूसरी तरफ पुलिस लगातार अपनी खाल बचाने में जुटी थी. पुलिस का कहना था कि रात सात बजे के बाद हाईवे पर यात्रा करने की अनुमति नहीं है और ये बस नियम के विरुद्ध जा रही थी. बस मालिक हर्ष ने बताया कि उनकी बस उस रास्ते पर जा रही दूसरी बसों के साथ काफिले में थी. बस के पीछे के टायर में पंचर हुआ था. उसे बनाने में वो बाकी बसों से अलग हो गई.

हमले से स्थानीय व्यापारी भी सकते हैं. अमरनाथ यात्रा पर हमला होने से स्थानीय व्यापारी और टूरिज्म से जुड़े परेशान हैं. उनका कहना है कि इससे बाहर के यात्रियों की संख्या कम हो जाएगी जो बेहद खतरनाक है. इसका असर उनके सालभर के जीवन यापन पर पडेगा. घोड़े वालों की ज़िंदगी और भी दुखद हो गई है.

श्रीनगर में मौजूद बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर के मुताबिक़ प्रशासन ने हमले में घायल हुए 19 लोगों के नाम जारी किए हैं.

घायल हुए लोगों के नाम
1- हसी बेन (50 वर्ष),
2- प्रवीण भाई (55 वर्ष),
3- लाली (65 वर्ष),
4- प्रकाश विजन (60 वर्ष)
5- रमेश भाई(45 वर्ष)
6- तीता भाई (55 वर्ष)
7- मुकेश (45 वर्ष)
8- मारी (35 वर्ष)
9- पानी भाई गोपाल (65 वर्ष)
10- हर्ष देसाई (30 वर्ष)
11- उजलिता विष्णु डोगरा (50 वर्ष)
12- विष्णु डोगरा (55 वर्ष)
13- बरती बेन (54 वर्ष)
14- बागी मुनी (50 वर्ष)
15- शीला नटवरलाल पाटील (60 वर्ष)
16- द्रक्षा (59 वर्ष)
17- छाया (60 वर्ष)
18- कामनी (34 वर्ष)
19- राजेश पाटील (35 वर्ष)