24 जुलाई को दिल्ली मेट्रो बंद ! सरकारी ढिलाई से बिगड़ रहे हैं हालात

24 जुलाई को दिल्ली मेट्रो बंद ! सरकारी ढिलाई से बिगड़ रहे हैं हालात




नई दिल्ली  : अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो 24 जुलाई को दिल्ली मेट्रो का काम काज ठप हो जाएगा. इस दिन दिल्ली मेत्रो के कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं अपनी मांगों को लेकर डीएमआरसी स्टाफ काउंसिल ने 24 जुलाई को पूरी तरह काम बंद रखने का ऐलान किया है. दिल्ली में करीब बीस लाख लोग रोज़ाना सफर करते हैं. कोई भी ऐसा दूसरा यातायात का साधन नहीं है जो इस बोझ को हड़ताल के दिन संभाल सके. उधर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं.

हड़ताल की वजह में भी मोदी सरकार ही है. मेट्रो कर्मचारियों की वेतन वृद्धि सरकार ने मंजूर कर ली है. बिना वजह घोषणा टाली जा रही है. अगर घोषणा हो जाए तो कर्मचारियों को हड़ताल करनी ही न पड़े. हाल ही में मेट्रो ने किराया भी बढ़ाया था लेकिन कर्मचारियों का वेतन नहीं बढ़ रहा.

दरअसल डीएमआरसी की ओर से तीन विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से नाराज डीएमआरसी के गैर कार्यपालक (नॉन एक्जीक्यूटिव) कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर काम किया. वे 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर ही काम करेंगे. इसमें एक कर्मचारी को बर्खास्त भी किया गया है.

स्टाफ यूनियन का कहना है कि विभागीय अनुशासनहीनता के आरोप जड़कर मुख्य आरटीआइ पर्यवेक्षक विनोद शाह को नौकरी से निकाल दिया गया. अनिल कुमार मेहता व रवि भारद्वाज नामक दो कर्मचारियों को मेजर पेनाल्टी का नोटिस थमा दिया गया है. उनका कसूर इतना था कि वो समान वेतन के आंदोलन से जुड़े थे.

यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों का वेतमान बढ़ाने के लिए 29 मई 2015 को मेट्रो प्रबंधन ने स्टाफ यूनियन के साथ समझौता किया है. उसका अब तक पालन नहीं किया गया. मेट्रो में तीसरा वेतन आयोग आने वाला है. कर्मचारियों से विचार-विमर्श करके ही तीसरे वेतन आयोग में वेतनमान तय किया जाना चाहिए.

इस मामले पर डीएमआरसी का कहना है कि तीसरे वेतन आयोग को सरकार ने स्वीकार कर लिया है. जल्द उसकी घोषणा हो सकती है. इसके बाद वेतन से जुड़े मामलों का निदान जल्द निकाल लिया जाएगा. जबतक सरकार इसकी घोषणा नहीं करती तबतक वेतन नहीं बढ़ाया जा सकता . यानी यहां भी मोदी सरकार की तरफ से देरी के कारण हड़ताल केहालात बन गए हं.

जहां तक कर्मचारियों पर कार्रवाई का सवाल है तो वे कर्मचारी अपना व्यक्तिगत एजेंडा थोपना चाहते थे और दूसरे कर्मचारियों को भ्रमित कर रहे थे. डीएमआरसी ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं.