इस चोर जैसी ज़िंदगी कौन नहीं चाहेगा, गांव में भगवान से कम नहीं मानते थे लोग

इस चोर जैसी ज़िंदगी कौन नहीं चाहेगा, गांव में भगवान से कम नहीं मानते थे लोग




नई दिल्ली: क्या आप कल्पना कर सकते है कि कोई शख्स अपनी जान जोखिम में डालकर चोरियां करें सेंधमारी करे और पूरी कमाई गरीबों की मदद करने में उड़ा दे. दिल्ली पुलिस ने बिहार से 27 साल के एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो रियल लाइफ के रॉबिन हुड वाली ये सारी हरकतें करता था.

वह दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के पॉश इलाकों के घरों में सेंधमारी कर महंगी कार और एशो-आराम के सामान चुराता था. फिर अपने गांव जाकर समाजसेवा करता था. गरीब बेटियों की शादी में आने वाली आर्थिक अड़चन को दूर करता था. गांव के गरीब बुजुर्गों के लिए मेडिकल कैम्प लगवाता था. गांव और आसपास के लोग उसे इज्जतभरी निगाहों से देखते और उसे समाजसेवी कहते थे.

पांचवीं फेल इस युवक का नाम इरफान है, जो फिलहाल दिल्ली पुलिस के चंगुल में है. पुलिस रिकॉर्ड में उसके ऊपर सेंधमारी-चोरी के 12 मामले दर्ज हैं. उसे महंगी कार से चलने और महंगी घड़ियां पहनने का शौक है. 6 जुलाई को जब दिल्ली पुलिस की टीम ने इरफान को उसके गांव से गिरफ्तार किया तब वह रॉलेक्स घड़ी पहने हुए था, जिसे उसने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के एक बंगले से चुराया था.

कुछ महीने पहले ही इरफान ने चोरी की महंगी घड़ियों और ज्वैलरी को बेचकर होन्डा सिविक कार खरीदी थी. पुलिस ने धर्मेन्द्र नाम के उस दुकानदार को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसे वह ज्वैलरी बेचता था. जब इरफान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया तो गांव वाले हैरान रह गए. ग्रामीण उसे उजाला बाबू कहकर बुलाते थे. उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था इरफान दिल्ली में चोरी करता था.