भारत सरकार कर रही है नागरिकों के जीवन पर कब्ज़े की तैयारी, अब जीपीएस ज़रूरी

नई दिल्ली: टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने सुरक्षा का हवाला देते हुए कंपनियों की उस पिटीशन को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंेने जीपीएस लगाने की बजाय दूसरा रास्ता तलाशने की बात कही थी. कंपनियों के मुताबिक जीपीएस सिस्टउम लगाने से बेसिक मोबाइल फोन 50% महंगे हो जाएंगे.

केंद्र सरकार ने सभी मोबाइल फोन्सम में ग्लोंबल पोजि‍शनिंग सिस्टेम (जीपीएस) लगाना 1 जनवरी से मैंडेटरी (अनिवार्य) कर दिया है. सरकार का कहना है कि सुरक्षा की मद्देनजर खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है. इसके जरिए इमरजेंसी सिचुएशन में सब्सरक्राइबर की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है. सरकार ने 1 जनवरी 2018 से इसे सभी मोबाइल फोन में लगाना जरूरी कर दिया है. यानी देश में कौन शख्स कहां है ये भी सरकार को पता होगा. इतना ही नहीं सभी सामान्य बटन वाले फीचर फोन भी अब जीपीएस से फिटेड होंगे. दुनिया भर मे ंसरकार द्वारा लोगों की ज़िंदगी में ताकझाक का विरोध होता रहा है . लेकिन अब भारत सरकार भी ऐसी हरकत पर उतर आई हैे.

अफसोस की बात ये है कि इस कदम का विरोध जनता की स्वतंत्रता और मानवाधिकार से जुड़े हुए लोग नहीं कर रहे बल्कि इंडस्ट्री से ही आवाज़ें उठ रही हैं.

आईसीए ने क्या कहा था?

इस बात को ध्यायन में रखते हुए सभी मोबाइल मैन्युफैक्चेरर्स से कहा गया है कि वह फीचर फोन से लेकर सभी तरह के हैंडसेट में जीपीएस सिस्टम लगाना सुनिश्चित करें. दरअसल देश की ज्यादातर मोबाइल कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली बॉडी आईसीए ने जीपीएसी की जगह ए-जीपीएस टेक्नो लॉजी के इस्तेतमाल करने का सुझाव दिया था. आईसीए ने कहा था कि ये टेक्नोकलॉजी भी सब्सिक्राइबर को लोकेट करने में मदद करेगी. हालांकि डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने कहा कि मोबाइल टावर्स के जरिए लोकेशन लोकेट करने की फैसिलिटी सही तरीके से काम नहीं करती है.

डिओटी ने कहा कि सभी मोबाइल में जीपीएस महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर जरूरी किया जा रहा है. आईसीए के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज मोहिंद्रू ने कहा कि फीचर फोन में जीपीएस लगाने के लिए इसके कंफीग्रेशन भी अपग्रेड करने होंगे. इसकी वजह से फीचर फोन की कीमतों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है.

715 रुपए तक बढ़ेगी कॉस्ट

पिछले साल आईसीए की तरफ से टेलिकॉम डिपार्टमेंट को लिखे गए लेटर में बताया गया था कि एक फीचर फोन 500 से 700 रुपए में बिकता है. इसका बिल ऑफ मैटीरियल (बीओएम) 330-350 के बीच आता है. अगर फीचर फोन में जीपीएस सिस्टैम लगाने से इसका प्रोडक्शीन कॉस्ट  715 रुपए ज्यारदा बढ़ जाएगा तो इसकी वजह से मोबाइल की कीमत भी बढ़ जाएगी.

भारत के लोगों के जीवन पर तानाशाही युग की बंदिशें लगातार एक के बाद एक लागू होने लगी हैं. पहले सरकार ने आधार के नाम पर जनता का डाटा अपने पास रखा. इसके बाद देश भर के व्यापार के डाटा को जीएसटी के नाम पर सर्वर में कैद किया जा रहा है अब लोगों की लोकेशन पर भी सरकार का शिकंजा है. भारत के लोगों के जीवन पर तानाशाही युग की बंदिशें लगातार एक के बाद एक लागू होने लगी हैं. पहले सरकार ने आधार के नाम पर जनता का डाटा अपने पास रखा. इसके बाद देश भर के व्यापार के डाटा को जीएसटी के नाम पर सर्वर में कैद किया जा रहा है अब लोगों की लोकेशन पर भी सरकार का शिकंजा है.

बस थोड़ा इंतज़ार..

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