मेरा भारत महान: यहां फौजियों को 200 रुपये किलो मिलती है चीनी, 150 रुपये नमक, है कोई रोकने वाला

नई दिल्ली: महान भारत में एक ऐसी जगह भी है, जहां एक किलो चीनी के लिए 200 रुपये और एककिलो नमक के लिए 150 रुपये का भुगतान करना पड़ता है. इस जगह का नाम है विजयनगर. विजयनगर की खोज सम राइफल्स ने  1961 में श्री जीत द्वितीय नाम की एक अभियान के दौरान की थी. मेजर जनरल ए.एस. गुआरिया, असम राइफल्स के आईजी ने इसमें बहुत मदद की थी.

यहां रहने वाले ज्यादातर पूर्व सैनिक हैं. जब वो यहां रहने के लिए आए थे तो उन्हें अच्छे स्वास्थ्य और पैसे का वादा किया गया था. लेकिन यहां पर दोनों ही नही मिले. परिवार में महिलाओं के पास सीमित संसाधनों साथ रहने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं बचा है.

नमक और चीनी के अलावा अन्य और भी परेशानियां
बात केवल सिर्फ नमक और चीनी जैसे आवश्यक वस्तुओं की कीमतों के बारे में नहीं है. उन्हें और भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जब उन्हें स्थानीय पीसीओ से कॉल करना होता है, तो यह 5 प्रति मिनट शुल्क लगता है. उनकी प्रतिदिन की आय 200 है और वे 150 प्रति किलोग्राम में वस्तुएं खरीदनी पड़ती हैं. चिकित्सा सुविधाएं भी एक दम बेकार हैं. पास में कोई अस्पताल नहीं है और जो है वो 200 किमी दूर है. जहां पर केवल हैलीकॉप्टर या विमान से पहुंच सकते हैं.

इंडिया टुडे के मुताबिक यहां के लोकल लोगों ने कहा कि यहां परिवहन, चिकित्सा और भोजन की सुविधाएं हमारी प्रमुख समस्याएं हैं. नमक और अन्य सामान बहुत महंगा हैं. मरीजों को अस्पताल तक जाने के लिए इंतजार करना पड़ता है. पूरी सुविधा ना होनो की वजह से कभी-कभी उनकी मौत भी हो जाती है.

स्थानीय व्यक्ति ने खोला स्कूल

वहां के स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि यहां रह रहे लोगों के लिए शिक्षा एक बड़ी समस्या है. यहां कोई अच्छे स्कूल भी नहीं है. उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी और मैंने बच्चों को शिक्षित करके इस समस्या पर काबू पाने के प्रयास के रूप में एक स्कूल शुरू किया है. जो कि सिर्फ एक प्राथमिक विद्यालय है. जहां बच्चों को पढ़ाई के साथ सामाजिक सेवा के बारे में पढ़ाया जाता है.

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