आतंकवादियों और आम लोगों में अंतर नहीं समझती सरकार, आप पर भी शिकंजा

आतंकवादियों और आम लोगों में अंतर नहीं समझती सरकार, आप पर भी शिकंजा

नई दिल्ली : आपको भले ही बुरा लगे लेकिन ये सच है. मोदी सरकार देश के हर नागरिक को संदेह की नज़र से देख रही है. आप हो सकता है चौंकें लेकिन आतंकियों पर निगरानी और उनके बारे में सूचनाएं साझा करने के लिए बने नैशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (नैटग्रिड) के पास अब हर आदमी पर पकड़ बनाने का अधिकार होगा.

 

उसे आम लोगों के पैन रेकॉर्ड्स और टैक्स डेटा भी उपलब्ध होंगे. यूपीए के दूसरे कार्यकाल में तत्कालीन होम मिनिस्टर पी. चिदंबरम ने इस महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट की शुरुआत की थी. अब नैटग्रिड की शक्तियों को बढ़ाते हुए टैक्सपेयर्स से जुड़ी सूचनाओं तक उसकी पहुंच करने का फैसला लिया गया है.

 

इसके लिए जल्दी ही नैटग्रिड और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर साइन होने वाले हैं.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के मुताबिक वह नैटग्रिड के साथ आम लोगों की पैन डिटेल्स को बल्क में साझा करेगा. यह जानकारी पैन नंबर से शुरू होगी और इसमें टैक्सपेयर का नाम, उसका इंडिविजुअल डेटा जैसे पिता का नाम, लिंग, जन्मतिथि, फोटो और साइन या अंगूठे का निशान शामिल होंगे.

 

यही नहीं डिपार्टमेंट की ओर से नैटग्रिड को टैक्सपेयर्स के रेजिडेंशल और ऑफिस अड्रेस की भी जानकारी साझा की जाएगी. इसके अलावा टैक्सपेयर्स के ईमेल और मोबाइल नंबर जैसी सूचनाएं भी नैटग्रिड को सौंपी जाएंगी.
गृह मंत्रालय के मातहत काम करने वाले नैटग्रिड के साथ हुए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के करार में यह बात भी शामिल होगी कि वह लोगों के निजी डेटा को सेफ रखेगा.