भारतीय मुसलमानों ने फिर दिया देशभक्ति का सबूत, रोज़ रोज़ परेशान करने वालों को जवाब

भारतीय मुसलमानों ने फिर दिया देशभक्ति का सबूत, रोज़ रोज़ परेशान करने वालों को जवाब




नई दिल्‍ली: पिछले दिनों राजनाथ सिंह को बयान देना पड़ा था कि भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा मुसलमान होने के बावजूद आईसिस को यहां नेटवर्क बनाने के लिए नौजवान नहीं मिलते. ये भारतीय मुसलमानों की देशभक्ति का सबूत था. मुस्लमानों की देशभक्ति का दूसरा सबूत आज मिलता. आतंकी मूसा के बयान की भारत के सभी प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने कड़ी निंदा की है.

ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉक्‍टर उमर अहमद इलियासी ने मूसा की क‍ड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारत का मुसलमान न सिर्फ सच्‍चा देश भक्‍त है बल्कि वह सही गलत की भी समझ उससे बेहतर रखता है. उन्‍होंने कहा कि भारत के मुसलमानों को आतंकी मूसा जैसे किसी भी शख्‍श की सलाह की दरकार नहीं है. उन्‍होंने कहा कि मूसा को खुद दुरुस्‍त होने की जरूरत है. उनका कहना था कि जम्‍मू कश्‍मीर में मासूमों को कत्‍ल कर देने वाले आतंकी कभी मुस्लिम नहीं हो सकते हैं.

अपने मुल्‍क को प्‍यार करता है भारतीय मुसलमान

बातचीत के दौरान उन्‍होंने कहा कि जम्‍मू कश्‍मीर ही नहीं पूरे भारत का मुसलमान कभी भी आतंकियों का साथ नहीं दे सकता है. वह अपने मुल्‍क को प्‍यार करता है. जम्‍मू कश्‍मीर में पाकिस्‍तान द्वारा फैलाए जा रहे प्रायोजित आतंकवादपर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह जम्‍मू कश्‍मीर के नौजवानों को ज्‍यादा से ज्‍यादा रोजगार उपलब्‍ध करवाए. उनका कहना था कि वहां के नौजवानों को शिक्षा और रोजगार की दरकार है. शिक्षा की कमी की वजह से वह कभी कभी अलगाववादियों की बातों में आ जाते हैं और पत्‍थरबाजी जैसी घटनाओं में शामिल हो जाते हैं. उनके हाथों में पत्‍थर नहीं बल्कि कलम होनी चाहिए ताकि वह देश की तरक्‍की में अपनी भूमिका अदा कर सकें.

पूर्व सांसद ने भी की मूसा के बयान की मजम्‍मत

जाकिर मूसा की ऑडियो क्लिप की आलोचना करने वाले इमाम इलियासी ही अकेले नहीं हैं. वरिष्‍ठ पत्रकार और पूर्व सांसद शाहिद सिद्दकी ने भी आतंकी मूसा के बयान की कड़ी मजम्‍मत की है. उनका कहना है कि आतंकी मुसलमान ही नहीं इस्‍लाम का भी दुश्‍मन है. उन्‍होंने भी इमार इलियासी की बात दोहराते हुए आतंकी मूसा को नसीहत दी और कहा कि भारत के मुसलमान को उसकी सलाह की जरूरत नहीं है. यहां का मुसलमान अपने देश और अपनी मिट्टी को प्‍यार करता है. वह कभी आतंकियों के बताए रास्‍ते पर नहीं चल सकता है. सिद्दकी का कहना था कि मासूमों को कत्‍ल कर देना कभी बहादुरी नहीं हो सकती है.

मूसा ने ऑडियो क्लिप में कहा था बुरा-भला

दरअसल, भारतीय मुसलमानों द्वारा आतंकियों की आलोचना किए जाने के बाद हिजबुल का पूर्व कमांडर जाकिर मूसा इस कदर बौखला गया है कि उन्‍हें बुरा-भला कहने से भी नहीं चूका. अपनी एक ऑडियो क्लिप में वह भारतीय मूसलमानों को इसलिए कोसता हुआ दिखाई दे रहा है क्‍योंकि वह आतंकियों का साथ नहीं दे रहे हैं. एक ऑडियो के जरिए उसने भारत के मुस्लिम युवकों को जिहाद के नाम पर आंतकी बनने की नापाक सलाह दी है. ऑडियो में वह गजवा-ए-हिंद के लिए जिहाद में शामिल न होने पर भारतीय मुसलमानों की आलोचना करता सुनाई दे रहा है.

व्‍हाट्सएप के माध्‍यम से शेयर की गई क्लिप

टेलिग्राम और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए शेयर की गई इस ऑडियो क्लिप में वह कह रहा है कि उसकी लड़ाई सिर्फ कश्मीर तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह इस्लाम और काफिरों के बीच लड़ाई है. इस क्लिप में उसने बिजनोर जाने वाली चलती ट्रेन में एक मुस्लिम महिला के साथ पुलिस कॉन्स्टेबल द्वारा रेप, कथित गोरक्षकों द्वारा मुस्लिमों को पीट-पीट कर मारे जाने का हवाला दिया है. इस ऑडियो क्लिप में वह कह रहा है कि वे लोग दुनिया के सबसे बेशर्म मुस्लिम हैं. उनको खुद को मुस्लिम कहने में शर्म आनी चाहिए. हमारी बहनों को बेइज्जत किया जा रहा है और भारतीय मुस्लिम चीख-चीखकर कह रहे हैं कि इस्लाम शांतिप्रिय धर्म है.’ मूसा ने ऐतिहासिक इस्लामी युद्ध ‘जंग-ए-बदर’ का हवाला दिया है. उसने कहा, ‘वे लोग 313 थे और दुनिया पर राज किया. अब हम करोड़ों हैं लेकिन गुलाम हैं.’