सोना खरीद रहे हैं तो कुछ दिन रुक जाएं. हो सकता है बड़ा फायदा

सोना खरीद रहे हैं तो कुछ दिन रुक जाएं. हो सकता है बड़ा फायदा




नई दिल्ली : अगर आज आप सोना खरीदने जा रहे हैं तो ये गलती हरगिज न करें. कल जीएसटी लागू होने के बाद सोने की कीमतें बढ़ने के बजाय घटेंगी. इसके पीछे कई कारण है, जीएसटी में सोने पर 3 फीसदी टैक्स लगाया गया है. इसके अलावा सोना खरीदने और बेचने पर भी टैक्स लगाया गया है.

साथ ही इससे जुड़ी अन्य सेवाओं को भी जीएसटी के दायरे में रखा गया है और अब उन पर भी टैक्स चुकाना पड़ेगा. लिहाजा सोने की कीमततों पर असर पड़ेगा. लेकिन जानकारों का कहना है कि सोने में छोटी अवधि में डिमांड घटेगी जिस कारण सोने के दाम मे अगले तीन महीने में 1000 रुपए तक की कमी देखी जा सकती है.

क्यों घटेगी डिमांड

केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया के मुताबिक सोने की खरीदारी में कई बातें अहम होती है. सोने का पीक सीजन खत्म हो चुका है, वही मानसून के कारण रुरल इंडिया में भी जुलाई-अगस्त के महीने में सोने की डिमांड कम हो जाती है. लिहाजा जीएसटी टैक्स के बावजूद छोटी अवधि में सोने के दाम घटकर 28 के नीचे आ सकते हैं.

 

जीएसटी से कैसे होगा असर
ग्रामीण इलाकों की बात करें तो यहां के ज्यादातर ज्वैलर्स कैश में ही कारोबार करते है. लेकिन जीएसटी के बाद सारे काम सिस्टम से ही करने पड़ेंगे जिससे इनकी बिक्री पर असर पड़ेगा. एंजल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता के मुताबिक अगले दो से तीन महीनों तक डिमांड में कमी देखी जा सकती है.

सोने पर जीएसटी लगाए जाने से गोल्ड ज्वैलरी महंगी हो जाएगी. जीएसटी के अंदर सोना खरीदने और बेचने पर टैक्स देना होगा. इसके अलावा, सारे ट्रांजैक्शन बिल के जरिए होंगे. ऐसे होने पर सोने की डिमांड में कमी आ सकती है. सोने की डिमांड पर जीएसटी का निगेटिव इम्पैक्ट रहेगा. मांग में कमी के चलते सोना 27, 900 रुपए प्रति दस ग्राम तक आ सकता है.

 

तीन तरह के टैक्स बढ़ाएगी मुश्किल
अजय केडिया के मुताबिक ग्राहको को पुरानी ज्वैलरी बेचने में तीन तरह के टैक्स चुकाने पड़ सकते हैं. मसलन अगर वह ज्वैलरी बेचकर सिर्फ कैश में लेता है तो उसे 3 फीसदी रिवर्स चार्ज देना होगा. दूसरा अगर ग्राहक पुरानी ज्वैलरी में ही वैल्यु एडिशन कराता है, तो उसे 18 फीसदी सर्विस टैक्स चुकाना होगा, जो लेबर चार्ज पर लगेगा. तीसरी कैटेगरी यह है कि अगर आपने पुरानी ज्वैलरी बेचकर नई खरीदी तो उसे 3 फीसदी रिवर्स चार्ज और 3 फीसदी जीएसटी भी देना होगा. ऐसे में कोई भी ग्राहक बिना जरूरत के अभी सोने में निवेश नहीं करना पसंद करेगा.