चीनी सेना की भारतीय सीमा में घुसपैठ, कई बंकर तोड़े, जवानों से हाथापाई, अमरनाथ यात्रा में भी अड़ंगे

चीनी सेना की भारतीय सीमा में घुसपैठ, कई बंकर तोड़े, जवानों से हाथापाई, अमरनाथ यात्रा में भी अड़ंगे




नई दिल्ली:  चीनी सेना की एक दल ने भारत के सिक्किम सेक्टर में सीमा लांघी और चीन-भारत सीमा की सुरक्षा में तैनात भारतीय सेना के जवानों के साथ झड़प हो गई. इसके अलावा चीनी के जवानों ने दो बंकर भी तबाह कर दिए. इस दौरान भारत और चीनी सेना के सैनिकों के बीच टकराव हो गया. पीटीआई आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा चीनी सेना के जवानों ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को भी जाने से रोक दिया था.

इंडियन आर्मी के जवानों को चीनी सेना के कर्मियों को भारतीय क्षेत्र में आगे बढ़ने से रोकने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ा. भारतीय सेना के जवानों ने उनको रोकने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ मानव दीवार का निर्माण किया. प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना की वीडियो और तस्वीरें ली.

चीनी सेना की ओर से डकोला इलाके के लालटेन में बंकरों को निशाना बनाया गया और उन्हें तबाह कर दिया. दोनों देशों की सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच 20 जून को फ्लैग मिटिंग हुई थी. लेकिन दोनों सेनाओं के बीच तनाव बरकरार है. यह पहली बार नहीं डोका ला क्षेत्र में चीनी सेना की ओर से इस तरह की कार्रवाई की. इससे पहले नवंबर 2008 में चीनी सेना ने इसी जगह पर भारतीय सेना के अस्थायी सैन्य बंकरों को नष्ट कर दिया था.

हाल ही में कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों को चीन ने इंटरनेशनल बॉर्डर पार करने की इजाजत नहीं दी. विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि नाथुला दर्रे से होकर कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मामले को लेकर चीन के साथ बातचीत की जा रही है.

चीन ने नाथुला दर्र का रास्ता नहीं खोला था जिसके बाद 47 तीर्थयात्रियों को वापस लौटना पड़ा था. हालांकि चीन ने अभी तक श्रद्धालुओं को इजाजत नहीं दिए जाने को लेकर चुप्पी साध रखी है. चीन ने सोमवार को यह बताने से इनकार किर दिया कि उसने कैलाश मानसरोवर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के एक जत्थे को क्यों रोक दिया, साथ ही कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देशों का विदेश मंत्रालय संपर्क में है.